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अंतरराज्यीय चोर गिरोह का सदस्य गिरफ्तार
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हल्द्वानी। कोतवाली पुलिस ने ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर बस स्टैंड से शनिवार शाम राजस्थान के एक अंतरराज्यीय चोर गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार कर चोरी की चार घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 50 हजार रुपये, दुकानदार का आधार कार्ड, पैन कार्ड के साथ मोबाइल बरामद किया है। पुलिस गिरोह के दो अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ दस राज्यों में करीब 50 मुकदमे दर्ज हैं।
रविवार को बहुउद्देश्यीय भवन में एसपी सिटी हरबंश सिंह ने पत्रकारों को बताया कि 24 फरवरी की रात मंगलपड़ाव की चार दुकानों में चोरों ने लाखों का सामान चोरी कर लिया था। इस सनसनीखेज घटना के बाद कारखाना बाजार के दुकानदार सन्नी नागपाल ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में एसएसपी ने एसओजी की दो टीमें गठित कीं।
टीम में शामिल कोतवाल हरेंद्र चौधरी, मंगलपड़ाव चौकी प्रभारी कश्मीर सिंह, सिपाही जितेंद्र कुमार, वीरेंद्र चौहान, इसरार नबी ने जांच के बाद रुद्रपुर में डेरा डाला था। पुलिस ने रुद्रपुर बस स्टैंड के पास से एक आरोपी दिनेश चरकोटा निवासी ग्राम पाडला, गणेशीलाल, थाना बूंगड़ा जिला बांसवाड़ा राजस्थान को धर दबोचा।
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पूछताछ में पता चला कि मंगलपड़ाव बाजार की घटना में उसके गांव के ही साथी हरीश चरकोटा और गणेश चरकोटा शामिल थे। तीनों पेड़ के सहारे दुकानों की छत पर चढ़े और चार दुकानों में चोरी करने के बाद छत पर ही सो गए। सुबह तीनों बस से फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपी दिनेश ने बताया कि गिरोह के सदस्य राजस्थान के आदिवासी जनजाति से हैं।
सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस से मिली मदद
पुलिस ने चोरों को पकड़ने के लिए शहर और आसपास के 250 सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। एसओजी टीम के किशन चंद्र शर्मा और अनिल गिरी ने मोबाइल से चोरों की लोकेशन ढूंढने का काम किया। फुटेज में आया कि चोर रोडवेज बस से फरार हुए थे और इधर, एसओजी ने भी उनकी लोकेशन का पता लगा लिया।
तीनों आरोपियों ने दस राज्यों में की चोरी
तीनों आरोपी राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश, गोवा, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब सहित दस राज्यों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। तीनों के खिलाफ गैर राज्यों में चोरी के करीब 50 मुकदमे दर्ज हैं। कई घटनाओं के बारे में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
हवाईजहाज से चोरी करने गोवा गए थे
हल्द्वानी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वह एक बार चोरी की वारदात के लिए हवाई जहाज से गोवा गए थे। बताया कि गिरोह के सदस्य चोरी की वारदात से पहले दिन में रैकी करते हैं और रात में चोरी की घटना को अंजाम देते हैं। दिनेश ने बताया कि दूसरे राज्यों में चोरी के लिए वह बस और ट्रेन में भी सफर करते थे।
एक सदस्य को मिले थे सवा लाख रुपये
हल्द्वानी। दिनेश चरकोटा ने पुलिस को बताया कि मंगलपड़ाव की चोरी की घटना में प्रत्येक सदस्य के हिस्से में एक लाख 13 हजार रुपये आए थे। एक बार सफलता मिलने के बाद तीनों दूसरी बार हल्द्वानी में चोरी की घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।
पुलिस टीम को एक हजार रुपये का इनाम
एसपी सिटी हरबंश सिंह ने बताया कि अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार करने वाली टीम को एसएसपी ने एक हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। इस मामले में दो अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस गैंगेस्टर का मुकदमा दर्ज करेगी।
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रविवार को बहुउद्देश्यीय भवन में एसपी सिटी हरबंश सिंह ने पत्रकारों को बताया कि 24 फरवरी की रात मंगलपड़ाव की चार दुकानों में चोरों ने लाखों का सामान चोरी कर लिया था। इस सनसनीखेज घटना के बाद कारखाना बाजार के दुकानदार सन्नी नागपाल ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में एसएसपी ने एसओजी की दो टीमें गठित कीं।
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टीम में शामिल कोतवाल हरेंद्र चौधरी, मंगलपड़ाव चौकी प्रभारी कश्मीर सिंह, सिपाही जितेंद्र कुमार, वीरेंद्र चौहान, इसरार नबी ने जांच के बाद रुद्रपुर में डेरा डाला था। पुलिस ने रुद्रपुर बस स्टैंड के पास से एक आरोपी दिनेश चरकोटा निवासी ग्राम पाडला, गणेशीलाल, थाना बूंगड़ा जिला बांसवाड़ा राजस्थान को धर दबोचा।
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पूछताछ में पता चला कि मंगलपड़ाव बाजार की घटना में उसके गांव के ही साथी हरीश चरकोटा और गणेश चरकोटा शामिल थे। तीनों पेड़ के सहारे दुकानों की छत पर चढ़े और चार दुकानों में चोरी करने के बाद छत पर ही सो गए। सुबह तीनों बस से फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपी दिनेश ने बताया कि गिरोह के सदस्य राजस्थान के आदिवासी जनजाति से हैं।
सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस से मिली मदद
पुलिस ने चोरों को पकड़ने के लिए शहर और आसपास के 250 सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। एसओजी टीम के किशन चंद्र शर्मा और अनिल गिरी ने मोबाइल से चोरों की लोकेशन ढूंढने का काम किया। फुटेज में आया कि चोर रोडवेज बस से फरार हुए थे और इधर, एसओजी ने भी उनकी लोकेशन का पता लगा लिया।
तीनों आरोपियों ने दस राज्यों में की चोरी
तीनों आरोपी राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश, गोवा, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब सहित दस राज्यों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। तीनों के खिलाफ गैर राज्यों में चोरी के करीब 50 मुकदमे दर्ज हैं। कई घटनाओं के बारे में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
हवाईजहाज से चोरी करने गोवा गए थे
हल्द्वानी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वह एक बार चोरी की वारदात के लिए हवाई जहाज से गोवा गए थे। बताया कि गिरोह के सदस्य चोरी की वारदात से पहले दिन में रैकी करते हैं और रात में चोरी की घटना को अंजाम देते हैं। दिनेश ने बताया कि दूसरे राज्यों में चोरी के लिए वह बस और ट्रेन में भी सफर करते थे।
एक सदस्य को मिले थे सवा लाख रुपये
हल्द्वानी। दिनेश चरकोटा ने पुलिस को बताया कि मंगलपड़ाव की चोरी की घटना में प्रत्येक सदस्य के हिस्से में एक लाख 13 हजार रुपये आए थे। एक बार सफलता मिलने के बाद तीनों दूसरी बार हल्द्वानी में चोरी की घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।
पुलिस टीम को एक हजार रुपये का इनाम
एसपी सिटी हरबंश सिंह ने बताया कि अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार करने वाली टीम को एसएसपी ने एक हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। इस मामले में दो अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस गैंगेस्टर का मुकदमा दर्ज करेगी।