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एनएच से मलबा हटाने का काम जारी

Sun, 21 Aug 2016 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, ज्योलीकोट (नैनीताल)।
अमर उजाला ब्यूरो, ज्योलीकोट (नैनीताल)। Updated Sun, 21 Aug 2016 01:46 AM IST
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Continue to work to remove debris from NH
रोड
हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग में दोगांव के पास भेड़िया पखान में मलबा और पत्थर हटाने का काम शनिवार को भी जारी रहा। हालांकि शनिवार को एनएच के अधिकारियों ने विस्फोटकों का प्रयोग नहीं किया। दोपहर और देर शाम जेसीबी और पोकलैंड मशीन से सड़क पर जमा मलबे को हटाया गया, इसके चलते एनएच में दो बार आधे घंटे के लिए यातायात रोका गया।
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कुमाऊं की लाइफ लाइन राष्ट्रीय राजमार्ग 109 में 17 अगस्त को पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरककर सड़क पर आ गया था। जिससे एनएच में वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी। सड़क के महत्व को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर किसी तरह सड़क में यातायात सुचारु किया गया।
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मलबा हटाने का काम शनिवार को भी दिनभर जारी रहा। एनएच के सहायक अभियंता एमबी थापा ने बताया कि शनिवार को मलबा और पत्थर हटाने के लिए मशीनों के साथ-साथ मजदूरों की भी मदद ली गई। दोपहर एक बजे और शाम साढ़े तीन बजे आधे-आधे घंटे के लिए एनएच में यातायात रोका गया, जिसे बाद में सुचारु करा दिया गया।
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भेड़िया पखान यानी खतरनाक स्थल
ज्योलोकोट (नैनीताल)। दोगांव और भुजियाघाट के मध्य स्थित भेड़िया पखान क्षेत्र की पहाड़ी खड़ी और चट्टान युक्त है। पूर्व में भी बरसात के दौरान इस पहाड़ी से चट्टानों के खिसकने की घटनाएं हुई हैं। वर्ष 1997 में इसी स्थान पर चट्टान के दरककर सड़क में गिरने से एक दारोगा, उसकी पत्नी और बेटी की मौत हो गई थी। सड़क अन्य स्थलों की अपेक्षा इस स्थान पर संकरी है। जिसके चलते सामान्य दिनों में भी इस स्थान से वाहन निकालने में चालकों को दिक्कतें होती हैं। 


बुजुर्ग बताते हैं कि भेड़िया पखान को पहले भ्यौव पखाण यानी खतरनाक ढलान वाला क्षेत्र कहा जाता था। यह स्थल हमेशा खतरे और गिरने पर बचने की नाउम्मीदी वाला बताया जाता है। बाद में भ्यौव पखाण को लोग भेड़िया पखान कहने लगे। इस स्थान पर पहले से ही नीचे की ओर गहरी खाई है। भूस्खलन के दौरान आए मलबे को खाई में फेंके जाने के बाद ढलान की तीव्रता पहले से कहीं अधिक हो गई है और पेड़ भी नहीं हैं। जिससे हादसों का खतरा और अधिक बढ़ गया है। 

 
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