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Nainital News: तत्कालीन लोनिवि सचिव व सहायक अभियंता को अवमानना नोटिस
Thu, 09 Nov 2023 02:20 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 09 Nov 2023 02:20 AM IST
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नैनीताल। देहरादून के सहस्त्रधारा रोड के चौड़ाकरण मामले में कोर्ट के विस्तृत आदेश का ठीक से अनुपालन नहीं करने पर हाईकोर्ट ने तत्कालीन लोक निर्माण सचिव व सहायक अभियंता को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।
न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी आशीष गर्ग ने पूर्व में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उनकी ओर से देहरादून के सहस्त्रधारा रोड के चौड़ीकरण के लिए 2200 पेड़ों के कटान का विरोध किया गया था। पेड़ों के कटान के संबंध में उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि यूकेलिप्टिस के पेड़ों का तो पातन किया जा सकता है लेकिन अन्य सभी फलदार वृक्षों का ट्रांसप्लांट किया जाए। यह आदेश कोर्ट ने तत्कालीन लोक निर्माण विभाग के सचिव को 16 सितंबर 2022 को दिए थे। इसमें ट्रांसप्लांटेशन के लिए नई तकनीक और नए औजारों/ यंत्रों का इस्तेमाल करने संबंधित बातें कही गईं थीं। याचिकाकर्ता की ओर से फोटोग्राफ्स के माध्यम से कोर्ट को दिखाया गया कि ट्रांसप्लांटेशन बेहद बर्बरता से किया गया और फलदार वृक्षों की सारी पत्तियां, टहनियां काटकर उनका गलत तरीके से ट्रांसप्लांटेशन किया गया है।
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न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी आशीष गर्ग ने पूर्व में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उनकी ओर से देहरादून के सहस्त्रधारा रोड के चौड़ीकरण के लिए 2200 पेड़ों के कटान का विरोध किया गया था। पेड़ों के कटान के संबंध में उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि यूकेलिप्टिस के पेड़ों का तो पातन किया जा सकता है लेकिन अन्य सभी फलदार वृक्षों का ट्रांसप्लांट किया जाए। यह आदेश कोर्ट ने तत्कालीन लोक निर्माण विभाग के सचिव को 16 सितंबर 2022 को दिए थे। इसमें ट्रांसप्लांटेशन के लिए नई तकनीक और नए औजारों/ यंत्रों का इस्तेमाल करने संबंधित बातें कही गईं थीं। याचिकाकर्ता की ओर से फोटोग्राफ्स के माध्यम से कोर्ट को दिखाया गया कि ट्रांसप्लांटेशन बेहद बर्बरता से किया गया और फलदार वृक्षों की सारी पत्तियां, टहनियां काटकर उनका गलत तरीके से ट्रांसप्लांटेशन किया गया है।
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