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हाईकोर्ट के पूर्व आदेश का पालन नहीं करने पर मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी
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jamrani dam.
नैनीताल। हाईकोर्ट ने जमरानी बांध के निर्माण के मामले में दिए गए पूर्व आदेश को पालन नहीं करने पर मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार बसंतपुर गौलापार हल्द्वानी निवासी रवि शंकर जोशी ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कहा था कि नवंबर 2018 में दिए आदेश का पालन नहीं हो रहा है। याचिका में कहा कि खनन के अवैध कारोबार से जुड़े लोग इसका निर्माण नहीं होने देना चाहते हैं।
अवमानना याचिका में कहा कि नवंबर 18 में हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आदेश पारित कर कहा था कि नवंबर से आगे एक माह के भीतर उप्र और उत्तराखंड के मुख्य सचिव बैठक कर बांध का प्रस्ताव तैयार करें और इसको केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जाए। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय छह माह में इसकी औपचारिकता पूरी कर स्वीकृति प्रदान करें। कोर्ट ने केंद्र-दोनों राज्य सरकारों को मिलकर तीन साल के भीतर बांध का निर्माण पूरा करने के आदेश दिए थे। याचिका में कहा कि जमरानी में होने वाले खनन से खनन-माफियाओं की कमाई होती है तथा बांध बनने से ये अवैध कमाई खत्म हो जाएगी। खनन माफियाओं की शक्तिशाली लॉबी के दबाब के कारण ही माननीय न्यायलन के आदेशों का पालन नही किया जा रहा है ।
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अवमानना याचिका में मुख्य सचिव उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश को पक्षकार बनाते हुए कहा कि इस आदेश के बावजूद इसका पालन अभी तक नहीं किया गया है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया है।
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न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार बसंतपुर गौलापार हल्द्वानी निवासी रवि शंकर जोशी ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कहा था कि नवंबर 2018 में दिए आदेश का पालन नहीं हो रहा है। याचिका में कहा कि खनन के अवैध कारोबार से जुड़े लोग इसका निर्माण नहीं होने देना चाहते हैं।
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अवमानना याचिका में कहा कि नवंबर 18 में हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आदेश पारित कर कहा था कि नवंबर से आगे एक माह के भीतर उप्र और उत्तराखंड के मुख्य सचिव बैठक कर बांध का प्रस्ताव तैयार करें और इसको केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जाए। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय छह माह में इसकी औपचारिकता पूरी कर स्वीकृति प्रदान करें। कोर्ट ने केंद्र-दोनों राज्य सरकारों को मिलकर तीन साल के भीतर बांध का निर्माण पूरा करने के आदेश दिए थे। याचिका में कहा कि जमरानी में होने वाले खनन से खनन-माफियाओं की कमाई होती है तथा बांध बनने से ये अवैध कमाई खत्म हो जाएगी। खनन माफियाओं की शक्तिशाली लॉबी के दबाब के कारण ही माननीय न्यायलन के आदेशों का पालन नही किया जा रहा है ।
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अवमानना याचिका में मुख्य सचिव उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश को पक्षकार बनाते हुए कहा कि इस आदेश के बावजूद इसका पालन अभी तक नहीं किया गया है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया है।