{"_id":"68daf982560ecebc28001687","slug":"confidence-in-fairness-of-examinations-and-investigation-by-agencies-has-been-lost-yashpal-haldwani-news-c-8-1-hld1029-645233-2025-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"परीक्षाओं की निष्पक्षता व एजेंसियों की जांच से भरोसा हुआ खत्म: यशपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परीक्षाओं की निष्पक्षता व एजेंसियों की जांच से भरोसा हुआ खत्म: यशपाल
Tue, 30 Sep 2025 02:56 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 30 Sep 2025 02:56 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक
हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का कहना है कि नकल विरोधी कानून के बाद भी पिछले दिनों हुई पेपर लीक की घटना से युवाओं, अभिभावकों और आमजन का निष्पक्षता से विश्वास उठ गया है। कहा कि बार बार परीक्षाओं में नकल के मामले आने और आरोपियों के आसानी से जमानत पर छूटने के कारण लोगों का जांच एजेंसियों की जांच से भी भरोसा खत्म हो गया है।
आर्य ने सीएम को भेजे पत्र में कहा कि मौजूदा दौर में कठोर प्रतिस्पर्धा के चलते कई बार परीक्षार्थी एक नंबर से भी परीक्षा से बाहर हो जाते हैं। इसलिए प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्र के कुछ पेजों का बाहर आकर सोशल मीडिया पर वायरल होने को पेपर लीक की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। उन्होंने 21 सितंबर को हुई परीक्षा निरस्त कर दोबारा एग्जाम कराने और इस पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है। माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन
आर्य ने सीएम को भेजे पत्र में कहा कि मौजूदा दौर में कठोर प्रतिस्पर्धा के चलते कई बार परीक्षार्थी एक नंबर से भी परीक्षा से बाहर हो जाते हैं। इसलिए प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्र के कुछ पेजों का बाहर आकर सोशल मीडिया पर वायरल होने को पेपर लीक की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। उन्होंने 21 सितंबर को हुई परीक्षा निरस्त कर दोबारा एग्जाम कराने और इस पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है। माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन