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आयुक्त नयाल ने पालिकाध्यक्ष पर दो करोड़ का मानहानि का दावा
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
Updated Tue, 24 Mar 2015 02:39 AM IST
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नगर पालिका नैनीताल की ओर से 11 मार्च को बोर्ड बैठक में दुर्गापुर आवास आवंटन मामले में धांधली के आरोप में मंडल प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाने और कुमाऊं आयुक्त के विरुद्ध बयानबाजी पर आयुक्त ने नगर पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण को दो करोड़ का मानहानि का नोटिस जारी करते हुए माफीनामे के लिए 15 दिन का समय दिया है। आयुक्त अवनेंद्र सिंह नयाल ने कहा कि इस प्रकरण में उनके विरुद्ध मीडिया में अनर्गल दुष्प्रचार किया गया, जिससे वे आहत हैं।
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बता दें कि दुर्गापुर नैनीताल में निर्बल वर्ग के लिए निर्माणाधीन आवासों की डीपीआर में धांधली और अपात्रों को आवास आवंटन की शिकायत कुमाऊं आयुक्त से यशपाल रावत और पालिका के मनोनीत सभासद सरवर खान ने की थी। बाद में पालिका की बोर्ड बैठक में सभासद डीएन भट्ट ने भी मामले की जांच करने की बात कही थी। इस शिकायत पर प्रशासन और मंडलायुक्त की ओर से जांच कराई गई। जांच में डीपीआर में धांधली और 200 में से 163 चयनित लाभार्थियों के अपात्र पाए जाने का खुलासा हुआ।
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कुल 28 आवंटियों में से दो अपात्रों को आवास आवंटित होने का भी खुलासा हुआ, इस पर कार्यदायी संस्था झील विकास प्राधिकरण के सचिव श्रीष कुमार और परियोजना अभियंता सीएम शाह की ओर से मल्लीताल थाने में पालिका परिषद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्रकरण में 11 मार्च को पालिका ने बोर्ड बैठक आयोजित कर मंडल प्रशासन की भूमिका पर प्रश्नचिन्ह्न लगाते हुए इसके लिए मंडलायुक्त को जिम्मेदार बताया। इस प्रकरण में मंडलायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया कि पालिका की ओर से आवंटन में धांधली की गई।
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इस कारण निर्बल वर्ग और आपदा के कारण विस्थापित वास्तविक पात्रों के बजाय दूसरे लोगों को आवंटन का पात्र बना दिया गया। ऐसे में आयुक्त कै से जिम्मेदार हो गए, जबकि पालिका की ओर से आयुक्त के खिलाफ मीडिया में दुष्प्रचार किया गया। आयुक्त श्री नयाल ने मानहानि का नोटिस भेजे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि जनहित में कार्य करने के बावजूद उन्हें अकारण बदनाम करने के प्रयास के खिलाफ उन्होंने यह कदम उठाया है।