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Nainital News: जर्जर इमारत में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल
Sun, 05 May 2024 03:34 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 05 May 2024 03:34 AM IST
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कोटाबाग। विकासखंड के कई विद्यालयों की इमारत जर्जर है। कई स्कूलों की छतों से प्लास्तर गिर रहे हैं, तो कई स्कूलों में दीवारें टूट रही हैं। इनमें स्कूली बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं। राजकीय प्राथमिक विद्यालय बचीनगर, राजकीय प्राथमिक विद्यालय डोला, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बाघनी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय रियाड़ मल्ला, राजकीय प्राथमिक विद्यालय सानणा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय जलना समेत दर्जनों विद्यालय बेहद खस्ताहाल हैं।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय बचीनगर की प्रधानाध्यापिका नीलम आर्य बताती हैं कि समय-समय पर विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से विभाग को प्रस्ताव भेजे गए हैं। अप्रैल 2023 में भी पुनः प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन समस्या का अब तक समाधान नहीं किया जा सका। बारिश के दौरान सबसे ज्यादा भय बना रहता है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय डोला के प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार ने कहा कि सितंबर 2022 में विभाग को विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण एवं नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था। केवल एक कक्षा कक्ष की मरम्मत के कार्य को स्वीकृति दी गई।
वर्तमान में कोटाबाग विकासखंड में खस्ताहाल भवन वाले 12 विद्यालयों में लगभग 120 बच्चे अध्यनरत हैं। यही कारण है कि पहाड़ के अनेक अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए मैदानी क्षेत्रों की ओर पलायन कर रहे हैं। इस संबंध में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी नैनीताल चंद्रमोहन सोनी को का फोन नंबर स्विच ऑफ था, जबकि बेसिक शिक्षा अधिकारी लीलाधर ब्यास ने फोन रिसीव नहीं किया।
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विकासखंड में जितने भी विद्यालयों की स्थिति जर्जर है, इसे लेकर समय-समय पर जिले में प्रस्ताव भेजे जाते हैं। हाल ही में कुछ विद्यालयों की मरम्मत का कार्य किया गया है। कुछ विद्यालय जो अभी बच गए हैं, जल्द ही उनके लिए भी जिले में वार्ता कर ठीक करा लिया जाएगा। - सत्य नारायण, खंड शिक्षा अधिकारी, कोटाबाग।
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय बचीनगर की प्रधानाध्यापिका नीलम आर्य बताती हैं कि समय-समय पर विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से विभाग को प्रस्ताव भेजे गए हैं। अप्रैल 2023 में भी पुनः प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन समस्या का अब तक समाधान नहीं किया जा सका। बारिश के दौरान सबसे ज्यादा भय बना रहता है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय डोला के प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार ने कहा कि सितंबर 2022 में विभाग को विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण एवं नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था। केवल एक कक्षा कक्ष की मरम्मत के कार्य को स्वीकृति दी गई।
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वर्तमान में कोटाबाग विकासखंड में खस्ताहाल भवन वाले 12 विद्यालयों में लगभग 120 बच्चे अध्यनरत हैं। यही कारण है कि पहाड़ के अनेक अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए मैदानी क्षेत्रों की ओर पलायन कर रहे हैं। इस संबंध में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी नैनीताल चंद्रमोहन सोनी को का फोन नंबर स्विच ऑफ था, जबकि बेसिक शिक्षा अधिकारी लीलाधर ब्यास ने फोन रिसीव नहीं किया।
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विकासखंड में जितने भी विद्यालयों की स्थिति जर्जर है, इसे लेकर समय-समय पर जिले में प्रस्ताव भेजे जाते हैं। हाल ही में कुछ विद्यालयों की मरम्मत का कार्य किया गया है। कुछ विद्यालय जो अभी बच गए हैं, जल्द ही उनके लिए भी जिले में वार्ता कर ठीक करा लिया जाएगा। - सत्य नारायण, खंड शिक्षा अधिकारी, कोटाबाग।