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चारु चंद्र पांडे का निधन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Sun, 08 Jan 2017 01:03 AM IST
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वरिष्ठ कुमाऊंनी साहित्यकार चारु चंद्र पांडे
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। साहित्य अकादमी दिल्ली के भाषा सम्मान 2014 से सम्मानित ग्राम बिठौरिया नंबर एक ऊंचापुल निवासी वरिष्ठ कुमाऊंनी साहित्यकार चारु चंद्र पांडे का निधन हो गया। रक्षा मंत्रालय में संयुक्त निदेशक पद से सेवानिवृत्त उनके पुत्र मंजुल पांडे, पुत्रवधू आशा पांडे आदि परिजनों के बीच उन्होंने शुक्रवार रात करीब सवा आठ बजे अंतिम सांस ली। शनिवार को चित्रशिला घाट रानीबाग में शव की अंत्येष्टि की गई। वह करीब 94 वर्ष के थे।
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उनका जन्म 1923 में अल्मोड़ा के कसून गांव में हुआ था। शिक्षा विभाग में शिक्षक के रूप में भर्ती होने के बाद वह भीमताल के लीलावती पंत जीआईसी भीमताल में प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल समेत कई वरिष्ठजनों को भी पढ़ाया था। उनके संपादन में अंग्रेजी, कुमाऊंनी में दो किताबें छपी थीं। पहाड़ पोथी नैनीताल से छपी इन किताबों के नाम सेज गुमानी और इकोज फ्रॉम हिल्स थे।
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इनमें प्राचीन कुमाऊंनी साहित्यकार गौर्दा पंत और गौरीदत्त पांडे गौर्दा की रचनाएं छपी हैं। इसके बाद उन्होंने छोड़ो गुलामी खिताब और अंगवाल किताब भी लिखी थी। कई दिनों से बीमार होने के कारण उनका घर पर ही उपचार किया जा रहा था। उनका साहित्य, संगीत समेत होली गायन, रामलीला मंचन आदि सांस्कृतिक क्षेत्राें में भी अतुलनीय योगदान रहा। वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार लक्ष्मण सिंह बिष्ट बटरोही, बुजुर्ग कुमाऊंनी साहित्यकार मथुरादत्त मठपाल, पहाड़ पत्रिका के संपादक शेखर पाठक, नैनीताल समाचार के संपादक राजीव लोचन साह, जगमोहन रौतेला आदि साहित्यप्रेमियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
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