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चंपावत के कांस्टेबल ने छात्र को अगवा किया, ग्रामीणों ने छुड़ाया

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2020 12:51 AM IST
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Champawat constable kidnapped student, villagers rescued
हल्द्वानी रौसिला में युवक के अपहरण के प्रयास के दौरान लगे जाम के बाद पहुंचे एडीएम एसएस जंगपांगी क
हल्द्वानी/भीमताल। वर्दी का खौफ दिखाकर चंपावत के पुलिस कांस्टेबल ने रविवार शाम हैड़ाखान क्षेत्र में 12वीं के छात्र का अपहरण कर लिया। ग्रामीणों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने रास्ते में पिकप खड़ी कर कांस्टेबल की कार को रुकवा लिया। छात्र को छुड़ाने के साथ ही कांस्टेबल को भी पकड़ लिया गया।
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इतनी बड़ी घटना की सूचना देने के बाद भी रातभर पुलिस और प्रशासन का कोई अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को धरना-प्रदर्शन कर हैड़ाखान-खनस्यू मोटर मार्ग पर छह घंटे तक तक जाम लगाया। एसपी चंपावत के कांस्टेबल को निलंबित करने पर ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन खत्म किया। अभी यह पता नहीं चल सका है कि छात्र को अगवा कर ले जाने का मकसद क्या था।
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हैड़ाखान इंटर कॉलेज का 12वीं के छात्र नीरज सिंह पुत्र तुला सिंह निवासी हैड़ाखान रविवार शाम सेना भर्ती की तैयारी के लिए अपने साथियों के साथ सड़क पर दौड़ लगा रहा था। इसी बीच, वहां पहुंचे कार सवार पुलिस वर्दीधारी ने नीरज से माचिस मांगी। नीरज ने माचिस न होने की बात कही। नीरज के दोस्त कुछ आगे पहुंचे तो कार सवार ने नीरज को जबरन कार में बैठा लिया और कार रौसिला की तरफ भगा दी। दोस्तों ने जब नीरज को कार में जाते देखा तो ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर रौसिला में अपने परिचितों को इसकी जानकारी दी।
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इसके बाद रौसिला के ग्रामीणों ने क्षेत्र में एक पिकप बीच सड़क पर खड़ी कर दी, जिससे पुलिसवाला कार आगे नहीं ले जा सका। लोगों ने घेराबंदी कर कार सवार को पकड़ लिया। ग्रामीणों की पूछताछ में कार सवार ने खुद को रीठा साहिब में तैनात कांस्टेबल अजीम खान बताया। इस पर ग्रामीणों ने काठगोदाम पुलिस को सूचना दी। पुलिस के न पहुंचने पर ग्रामीणों ने रात में ही क्षेत्रीय पटवारी को मामले से अवगत कराया लेकिन पूरी रात इंतजार के बाद पटवारी भी नहीं पहुंचे। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने विरोध में सड़क जाम कर दी। इसके बाद पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसी बीच एसपी चंपावत लोकेश्वर सिंह ने कांस्टेबल के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
पूर्व प्रधान नवीन पलड़िया ने कहा कि पुलिस कांस्टेबल अजीम ने युवक के साथ मारपीट कर उसे जाने से मारने की धमकी दी। विरोध करने वालों में प्रधान मुन्नी बेलवाल बीडीसी सदस्य संगीता बेलवाल, रौसिल प्रधान ललित मोहन, हेम भट्ट, भरत संमल, चिराग बोरा, पंकज सिंह, संजय साह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
दिनभर सहमा रहा नीरज
नीरज ने बताया कि अपहरण के बाद अजीम ने उसे खुद के पुलिस में होने और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। अजीम की कार में शराब की बोतलों के साथ ही पुलिस की वर्दी भी रखी थी। विरोध करने पर अजीम ने उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी। नीरज के अनुसार अजीम तेजी के साथ कार चला रहा था। अजीम के नशे में धुत्त होने के कारण कई बार कार का संतुलन भी बिगड़ा।
ग्रामीणों को दिखाया एक विधायक का रौब
अपहरणकर्ता अजीम ने जहां पहले नीरज को पुलिस का रौब दिखाकर डराया, वहीं ग्रामीणों की पकड़ में आने के बाद खुद को ऊधमसिंह नगर के एक विधायक का करीबी भी बताया। साथ ही उसने ग्रामीणों पर क्षेत्र में गो तस्करी करने के आरोप भी लगाए।

ओखलकांडा, पतलोट, हल्द्वानी के यात्री परेशान
सड़क जाम करने से हैड़ाखान-खनस्यू मोटर मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को करीब छह घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीणों का कहना था कि अगर पुलिस और प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई की होती तो जाम लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।
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