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केंद्र दस साल तक करे मदद
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Sat, 21 Feb 2015 02:18 AM IST
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राज्यों के विकसित हुए बिना विकसित राष्ट्र की परिकल्पना करना संभव नहीं है। प्रधानमंत्री देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाना चाहते हैं, उत्तराखंड को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार को दस वर्षों तक आर्थिक मदद देनी चाहिए। ग्रीन बोनस देने के साथ ही बार्डर डेवलपमेंट का खर्च केंद्र सरकार वहन करे।
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वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने अमर उजाला से बातचीत में रेल और आम बजट से पहले केंद्र सरकार से अपनी अपेक्षाएं बताईं। कहा कि राज्य में रेल सेवाओं का विस्तार होना चाहिए, जिससे राज्य की आमदनी बढ़ सके। उन्होंने कहा कि वनों की कीमत पर हम भी विकास नहीं करना चाहते हैं। राज्य में 67 प्रतिशत वन होने के कारण राज्य को ग्रीन बोनस मिलना चाहिए। ग्रीन बोनस की मांग पिछली सरकार ने भी नहीं मानी थी।
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नेपाल, तिब्बत और चीन की सीमाओं से घिरा होने के कारण बार्डर पर सड़क से लेकर होने वाले डेवलपमेंट के अन्य कार्यों और जवानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर आने वाले खर्च को केंद्र सरकार वहन करे।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा महंगी होने और महंगाई बढ़ने से नौकरीपेशा वर्ग का बजट गड़बड़ाने लगा है। केंद्र सरकार को इनकम टैक्स में राज्य कर्मियों को अधिक छूट देनी चाहिए।
सबसे अधिक राजस्व फिर भी स्मार्ट सिटी नहीं हल्द्वानी
बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल संकट, गड्ढों में सड़क, अनियंत्रित यातायात यह हाल है राज्य में सबसे अधिक राजस्व देने वाले शहर हल्द्वानी का है। वित्त मंत्री ने कहा कि हल्द्वानी वासी अब शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में देखना चाहते हैं। गौला से होने वाले खनन से ही एक वर्ष में सरकार को 60 करोड़ का राजस्व मिलता है, जबकि हरिद्वार से प्रतिवर्ष दो करोड़ का राजस्व मिल रहा है। अन्य ट्रेड को मिलाकर हल्द्वानी से प्रतिवर्ष तीन अरब 96 करोड़ का राजस्व मिलता है। इतना अधिक राजस्व देने के बावजूद शहर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
पेट्रोल-डीजल पर राज्य सरकार नहीं दे सकती राहत
वित्त मंत्री ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार कम होने के बावजूद महंगाई नहीं घटी, क्योंकि केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पेट्रोल-डीजल पर छूट नहीं दे सकती। सातवां वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की तैयारी हो रही है, जिससे सभी कर्मचारियों का वेतन दोगुना हो जाएगा। सरकार पर सभी को समय से वेतन देने का भी दायित्व है।
एपीएल और बीपीएल को मिले खाद्य की गारंटी
वित्त मंत्री डा. हृदयेश ने कहा कि एपीएल और बीपीएल को खाद्य की गारंटी केंद्र सरकार को देनी चाहिए। लघु उद्योग के लिए केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी मिलने के साथ ही छूट दी जानी चाहिए। उद्योगों को विकसित करने के लिए बोनस भी दिया जाए। उन्होंने आजीविका योजना के तहत लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र से मदद करने को कहा।