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केंद्र की मदद से बाल श्रमिक पढ़ेंगे, विशेष स्कूल खुलेंगे

Thu, 12 Jan 2017 01:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी। Updated Thu, 12 Jan 2017 01:44 AM IST
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Center study with the help of child labor, special school open
School

प्रदेश में बालश्रम पर सख्ती से रोकने के लिए प्रत्येक जिले में डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट सोसाइटी और मॉनीटरिंग कमेटियां गठित की जाएंगी। सर्वे में अगर कहीं भी बाल श्रमिक से काम कराते कोई पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी और बालश्रमिक बाहुल्य इलाकों में विशेष स्कूल खोले जाएंगे।

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केंद्र सरकार ने बालश्रम एक्ट में संशोधन करने के साथ ही अधिनियम में कई प्रावधान किए हैं। इसको लेकर श्रम विभाग ने कार्य शुरू कर दिया है। श्रम आयुक्त डॉ. आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि नेशनल चाइल्ड लेबर प्रोजेक्ट सोसाइटी के तहत प्रदेश के सभी जिलों में डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट सोसाइटी का गठन किया जाएगा।
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इस सोसाइटी के अध्यक्ष डीएम होंगे। प्रत्येक जिले की सोसाइटी के प्रस्ताव पर केंद्र से चार-चार लाख रुपए का बजट दिया जाएगा। इससे सोसाइटी द्वारा अपने-अपने जिले में बाल श्रमिकों का सर्वे कराया जाएगा। कहीं भी बाल श्रमिक चिह्नित होगा तो बालक से काम लेने वाले सेवायोजक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। बताया कि जो इलाके बाल श्रमिक बाहुल्य के रूप में चिह्नित होंगे, वहां राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना के तहत विशेष स्कूल खोलकर उनकी पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी।
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इस योजना के लिए सोसाइटी के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार द्वारा बजट दिया जाएगा। प्रोजेक्ट के रूप में अभी तक यह परियोजना देहरादून में संचालित हो रही है। श्रमायुक्त ने बताया कि दूसरी मॉनीटरिंग कमेटी सांसद की अध्यक्षता में गठित होगी। इस कमेटी का कार्य यह होगा कि बालश्रम परियोजना के लिए कितना बजट चाहिए तथा कार्यों का रिव्यू करेगी। उन्होंने बताया कि सहायक श्रमायुक्त दोनों कमेटियों में सदस्य होंगे।


सहायक श्रमायुक्त मुख्यालय एनसी कुलाश्री ने बताया कि बाल श्रमिकों के माता-पिता को प्रेरित करने के साथ ही उनके रोजगार की व्यवस्था करने के प्रयास भी होंगे, ताकि बालक को माता-पिता के लिए दोबारा से बालश्रम से न जूझना पड़े। कहा कि इस संबंध में सभी जिलों के श्रम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

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