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नहर के नोटों को लेकर शहर में कौतूहल
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Tue, 06 Dec 2016 01:59 AM IST
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नहर में नोट बहने से शहर में सोमवार दिनभर कौतूहल बना रहा। आखिर किसने रुपयों को पानी में ठिकाने लगाया है। कौन कितने रुपए ले गया इसकी चर्चा चाय के खोमचे से लेकर घर तक रही।
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नहर में रुपए बहाने का शक कोई प्रापर्टी डीलर पर जता रहा था तो कोई नेताओं पर उंगली उठा रहा था। इस चर्चा के बीच जिन मजदूरों के हाथ हजार के नोटों की गड्डी लगी उनकी तो मानो दिवाली ही मन गई।
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यह नहर पूरे दिन लोगों के लिए खास रही। कुछ लोग तो रुपए निकलने खत्म होने के बाद नहर किनारे पहुंचे। नहर किनारे बैठकर नोट बंदी और नोट बहाने को लेकर चर्चा की।
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पनचक्की तिराहे से लेकर कठघरिया तक नहर में तीन घंटे तक लोगों ने पानी से नोटों को छान डाला। हर कोई आम या खास नोट पाने के लिए छटपटा रहा था लेकिन पैसा आज किस्मत वाले फुर्तीले मजदूरों के हाथ ही लग पाया।
पैसे के लिए मजदूरों ने अपनी दिहाड़ी दांव पर लगा दी। नहर का पानी बंद होने के बाद चाय की दुकानों और होटलों में चर्चा करने लगे। आखिर किस बिल्डर और माननीय ने पैसे पानी में ठिकाने लगाए। इसमें चार या पांच ही लोगों के नाम की चर्चा हैं।
इनमें शहर के दो माननीयों की चर्चा है। बता दें कि इस प्रकार की चर्चा नोट बंदी की घोषणा के दूसरे दिन नौ नवंबर को भी फैली थी। तब नोट बदलने का मामला चल रहा था। उस समय भी बिल्डर्स और माननीयों पर लोग शक जता रहे थे।
कुछ लोगों का कहना है कि माननीयों ने अपने नोट पेट्रोल पंप और सरकारी संस्थानों के माध्यम से ठिकाने लगाये। फिर भी चुनाव के लिए करोड़ों रखे थे। ऐसे नोटों के पकड़े जाने का डर उनके करीबियों में भी भरा पड़ा था। कुछ लोगों का कहना है कि आयकर छापे के भय से नहर में नोट ठिकाने लगाए गए हैं।