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Nainital News: कैंपा की कृपा, एफटीए में बनेंगे नए हॉस्टल
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हल्द्वानी। फाॅरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी में प्रशिक्षुओं की संख्या बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए अकादमी में संसाधन बढ़ाए जाएंगे, नए हाॅस्टल बनाए जाएंगे। इन सभी कार्यों के लिए कैंपा मद से तीन करोड़ की राशि अकादमी को मिली है।
फाॅरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी में वन रक्षक, वन दरोगा और रेंजर की ट्रेनिंग देने की व्यवस्था है। इनके लिए छह से 18 महीने का अलग-अलग कोर्स संचालित होता है। वर्तमान में अकादमी में 225 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था है, पर बाहरी राज्यों से वानिकी के प्रशिक्षण के लिए बैच भेजने की काफी मांग है, जिससे वे उत्तराखंड के माध्यम से और बेहतर ढंग से जैव विविधता को समझ सकें। ऐसे में अकादमी में संसाधन बढ़ाने का फैसला किया गया है। माई सिटी रिपोर्टर
डारमेट्री भी बनाई जाएगी
हल्द्वानी। फाॅरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी की निदेशक डॉ. तेजिस्वनी पाटिल कहती हैं कि पहले चरण में हाॅस्टल की क्षमता 400 से अधिक करने की है, अभी यहां करीब 225 को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था है। अकादमी में नए डारमेट्री, कामन रूम, आडिटोरियम, मैस, लैब आदि तैयार की जाएंगी। स्मार्ट क्लास भी बनेंगी। इस कार्य के लिए कैंपा मद से राशि मिल गई है। संबंधित राशि से पुराने हास्टल, भवनों की मरम्मत भी होगी।
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फाॅरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी में वन रक्षक, वन दरोगा और रेंजर की ट्रेनिंग देने की व्यवस्था है। इनके लिए छह से 18 महीने का अलग-अलग कोर्स संचालित होता है। वर्तमान में अकादमी में 225 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था है, पर बाहरी राज्यों से वानिकी के प्रशिक्षण के लिए बैच भेजने की काफी मांग है, जिससे वे उत्तराखंड के माध्यम से और बेहतर ढंग से जैव विविधता को समझ सकें। ऐसे में अकादमी में संसाधन बढ़ाने का फैसला किया गया है। माई सिटी रिपोर्टर
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डारमेट्री भी बनाई जाएगी
हल्द्वानी। फाॅरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी की निदेशक डॉ. तेजिस्वनी पाटिल कहती हैं कि पहले चरण में हाॅस्टल की क्षमता 400 से अधिक करने की है, अभी यहां करीब 225 को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था है। अकादमी में नए डारमेट्री, कामन रूम, आडिटोरियम, मैस, लैब आदि तैयार की जाएंगी। स्मार्ट क्लास भी बनेंगी। इस कार्य के लिए कैंपा मद से राशि मिल गई है। संबंधित राशि से पुराने हास्टल, भवनों की मरम्मत भी होगी।
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