फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Bodies of two students drowning in the canal

उफनाए नाले में डूबे दो छात्रों के शव निकाले

Sun, 13 Aug 2017 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रामनगर (नैनीताल)। 
अमर उजाला ब्यूरो रामनगर (नैनीताल)।  Updated Sun, 13 Aug 2017 02:25 AM IST
विज्ञापन
Bodies of two students drowning in the canal
क्रेन से गाड़ी बाहर निकालते हुए। - फोटो : अमर उजाला

सांवल्दे पूर्वी के उफनाए नाले में बहे नोएडा की एमिटी विश्वविद्यालय के दो छात्रों को नहीं बचाया जा सका। दोनों के शव शुक्रवार को पुल से लगभग पांच किमी दूर मिले। चार छात्र और एक स्थानीय युवक को राहत और बचाव टीम ने रात में ही सकुशल निकाल लिया था। मृतक छात्रों के घरों में कोहराम मचा हुआ है। 

विज्ञापन


एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा के छह छात्र एक्सयूवी (डीएल आईसी 9617) से शुक्रवार की रात रामनगर पहुंचे थे। सभी छात्र एक रिसोर्ट में ठहरे थे। रात नौ बजे वे पिज्जा बाइट में खाना लेेने चले गए। उनके साथ रिसोर्ट का एक कर्मचारी भी था। लौटते समय उनकी गाड़ी सांवल्दे पूर्वी नाला पार करते समय बंद हो गई।
विज्ञापन


कुछ ही देर में बहने लगी। बहाव बढ़ने के पांच मिनट के अंदर ही गाड़ी के साथ छात्र बह गए। उमेद अख्तर पुत्र अनवर मसूद निवासी फ्रेंडस कालोनी दादेपुर अलीगढ़ और स्थानीय युवक रफी किसी तरह निकल गए। उन्होंने शोर मचाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


देर रात शुभम मेहरा पुत्र रवि मेहरा निवासी पंचकुला हरियाणा, हमजाही पुत्री इब्ने अली निवासी जिला शाहजहांपुर यूपी, पारस मोहन शर्मा पुत्र मनमोहन शर्मा निवासी आजादनगर मुरादाबाद को भी बचा लिया गया। लेकिन हल्द्वानी निवासी शुभम पांडेय और पंचकुला हरियाणा निवासी ऋषभ गर्ग का पता नहीं चल सका। शनिवार को दोनों के शव पुल से पांच किमी दूर मिले।    

शुभम और ऋषभ ने लोवर नहीं छोड़ा होता तो बच जाती जान
मुरादाबाद आजादनगर निवासी पारस मोहन शर्मा ने बताया कि जब वे गाड़ी के साथ बहने लगे तो उसने तैरकर शुभम मेहरा के साथ ही  हमजाही को पकड़ लिया। शुभम पांडेय के साथ ही ऋषभ का भी हाथ पकड़ा हुआ था। चारों को संभालना मुश्किल हो रहा था, तभी शुभम और ऋषभ के हाथ छूट गए।

उसने अपना लोवर उतारकर उन्हें पकड़वाया, लेकिन वे लोवर को नहीं पकड़ पाए। हम टार्च की लाइट को देखकर आगे बढ़ रहे थे। हमने शोर मचाया तो ग्रामीणों की मदद से सकुशल निकल आए। पारस के अनुसार मुझे तैरना आता था इस कारण जान बच गई। लेकिन दो दोस्तों को खोना तकलीफ देना है।


हम मौत के मुंह से निकल गए मगर दोनों दोस्तों को नहीं बचा पाए। इसका हमेशा मलाल रहेगा।   

गाड़ी किराये की लेकिन ड्राइवर नहीं लाए

बीटेक के छात्र हरियाणा निवासी शुभम मेहरा ने बताया कि वे गाड़ी किराये में आए थे। सभी गाड़ी चलाना जानते थे इसलिए ड्राइवर लाने की जरूरत नहीं पड़ी। इससे पहले भी जब कभी घूमने जाते थे तो ड्राइवर नहीं ले जाते थे। सभी साथी बारी-बारी से गाड़ी चलाते थे। शुभम ने बताया कि इस टूर के बारे में घर वालों को नहीं बताया था लेकिन हादसा होने पर पोल खुल गई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed