{"_id":"60c90b2d8ebc3e2cd11acafe","slug":"blueprint-drawn-to-solve-water-problem-in-nainital-prepare-dpr-of-garampani-nainital-drinking-water-scheme-by-october-15-baluni-haldwani-news-hld427854666","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैनीताल में पानी की समस्या के निदान का खींचा गया खाका, गरमपानी-नैनीताल पेयजल योजना की डीपीआर 15 अक्तूबर तक तैयार करें: बलूनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नैनीताल में पानी की समस्या के निदान का खींचा गया खाका, गरमपानी-नैनीताल पेयजल योजना की डीपीआर 15 अक्तूबर तक तैयार करें: बलूनी
विज्ञापन
हल्द्वानी। नैनीताल में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए मंगलवार को सर्किट हाउस में राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बलूनी ने कहा कि नैनीताल शहर को निर्बाध पानी की आपूर्ति के लिए वर्ष- 2055 की जनसंख्या का आकलन करते हुये कार्ययोजना बनाएं। आने वाले समय में नैनीताल शहर को लगभग 41 एमएलडी पेयजल की आवश्यकता का आकलन किया गया है। ऐसे में नैनीझील से निर्भरता को कम करते हुए कोसी नदी (गरमपानी) से जलापूर्ति योजना बनानी होगी।
उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को डीपीआर बनाने के लिए 75 लाख की धनराशि जारी की जा चुकी है। वह 15 अक्तूबर तक परियोजना डीपीआर संबंधी कार्य पूरा करें। उन्होंने जलनिगम तथा जलसंस्थान के अधिकारियों से कहा कि इस प्रोजेक्ट में वन भूमि हस्तांतरण के संबंध मेे भी कार्यवाही प्राथमिकता से की जाए। कहा कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार से फंडिंग कराई जाएगी। भारत सरकार के एनएचपी (नेशनल हाइड्रो प्रोजेक्ट) का सहयोग लिया जाएगा।
सांसद अजय भट्ट ने कहा कि नैनीताल के लोगों और पर्यटकों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने की यह एक महत्वाकांक्षी योजना है, इसलिए अधिकारी तेजी से कार्य कर अक्तूबर तक डीपीआर भारत सरकार को भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जमरानी बांध का काम भी जल्द शुरू हो जाये, उसका प्रयास भी किया जा रहा है।
विज्ञापन
प्रारंभिक सर्वे हो चुका
हल्द्वानी। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि प्राथमिक सर्वे के अनुसार कोसी नदी (गरमपानी) से नैनीताल तक पानी पहुंचाने के लिए 24 किमी लंबी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। नदी से 1.53 एमसीएम पानी स्टोर किया जायेगा। कोसी नदी से नैनीताल तक पेयजल पहुंचाने के लिए चार पंपिंग स्टेशन बडेरी, रातीघाट, पाडली और दूणीखाल में बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बडेरी पुल के पास पानी के संग्रह करने के लिए 120 मीटर लंबी तथा 12 मीटर ऊंची कृत्रिम झील बनाई जाएगी। उन्होंने कहा बडेरी मे बनने वाली झील से आसपास के जलस्रोत रिचार्ज होंगे तथा यह झील पर्यटन का केंद्र बनेगी जिससे रोजगार के अवसर भी सृजित होेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को डीपीआर बनाने के लिए 75 लाख की धनराशि जारी की जा चुकी है। वह 15 अक्तूबर तक परियोजना डीपीआर संबंधी कार्य पूरा करें। उन्होंने जलनिगम तथा जलसंस्थान के अधिकारियों से कहा कि इस प्रोजेक्ट में वन भूमि हस्तांतरण के संबंध मेे भी कार्यवाही प्राथमिकता से की जाए। कहा कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार से फंडिंग कराई जाएगी। भारत सरकार के एनएचपी (नेशनल हाइड्रो प्रोजेक्ट) का सहयोग लिया जाएगा।
विज्ञापन
सांसद अजय भट्ट ने कहा कि नैनीताल के लोगों और पर्यटकों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने की यह एक महत्वाकांक्षी योजना है, इसलिए अधिकारी तेजी से कार्य कर अक्तूबर तक डीपीआर भारत सरकार को भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जमरानी बांध का काम भी जल्द शुरू हो जाये, उसका प्रयास भी किया जा रहा है।
विज्ञापन
प्रारंभिक सर्वे हो चुका
हल्द्वानी। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि प्राथमिक सर्वे के अनुसार कोसी नदी (गरमपानी) से नैनीताल तक पानी पहुंचाने के लिए 24 किमी लंबी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। नदी से 1.53 एमसीएम पानी स्टोर किया जायेगा। कोसी नदी से नैनीताल तक पेयजल पहुंचाने के लिए चार पंपिंग स्टेशन बडेरी, रातीघाट, पाडली और दूणीखाल में बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बडेरी पुल के पास पानी के संग्रह करने के लिए 120 मीटर लंबी तथा 12 मीटर ऊंची कृत्रिम झील बनाई जाएगी। उन्होंने कहा बडेरी मे बनने वाली झील से आसपास के जलस्रोत रिचार्ज होंगे तथा यह झील पर्यटन का केंद्र बनेगी जिससे रोजगार के अवसर भी सृजित होेंगे।