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भाजपा की रेखा बनीं रामनगर की ब्लॉक प्रमुख
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रामनगर मे भाजपा की विजयी ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी रेखा रावत। अमर उजाला
- फोटो : RAMNAGAR
रामनगर (नैनीताल)। ब्लॉक प्रमुख पद के लिए हुए सीधे मुकाबले में भाजपा की रेखा रावत ने शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी विधायक दीवान सिंह बिष्ट की बहू श्वेता बिष्ट को 9 वोटों से हराया। श्वेता ने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा था। वहीं, ज्येष्ठ प्रमुख पद पर संजय नेगी और कनिष्ठ प्रमुख पद पर महेश चंद्र ने जीत दर्ज की।
बुधवार को विकास खंड कार्यालय में ब्लॉक प्रमुख पद को लेकर निर्वाचित 33 बीडीसी सदस्यों ने मतदान प्रक्रिया में भाग लिया।
दोपहर 3 बजे तक सभी 33 बीडीसी सदस्यों ने मतदान किया। दोपहर 3 बजे बाद हुई मतगणना में ब्लॉक प्रमुख पद पर भाजपा की प्रत्याशी रेखा रावत ने 21 मत प्राप्त कर शानदार जीत दर्ज की, जबकि इसी पद पर निर्दलीय चुनाव लड़ रहीं श्वेता बिष्ट को लेकर 12 मतों पर ही संतोष करना पड़ा। ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख पर भी सीधे मुकाबले में कांग्रेस के संजय नेगी ने 27 मत प्राप्त किए, उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी किरन रावत को केवल 6 ही मत मिले।
कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख पद पर महेश चंद्र ने 20 मत प्राप्त किए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी मोरध्वज को 12 वोट पड़े। इस पद पर एक वोट निरस्त किया गया। विजयी प्रत्याशियों को सहायक चुनाव अधिकारी/एसडीएम हर गिरी ने प्रमाणपत्र बांटे। इसके बाद विजय प्रत्याशियों ने सभी का आभार जताया। ब्लॉक प्रमुख के विजय जुलूस में भाजपा के जिला महामंत्री राकेश नैनवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दिनेश मेहरा, नगराध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष हरीश बेलवाल, मालधन मंडल अध्यक्ष कमल किशोर, भावना भट्ट, वीरेंद्र रावत, पूरन नैनवाल, नीमा नैनवाल, भूपेंद्र खाती आदि थे।
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जिला महामंत्री राकेेेश नैनवाल का कद बढ़ा
रामनगर (नैनीताल)। ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर भाजपा की ओर से इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका पार्टी के जिला महामंत्री राकेश नैनवाल की देखने को मिली है। नैनवाल की पार्टी संगठन में मजबूत पकड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि संगठन में आपसी तालमेल एवं संगठन को मजबूत करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में रेखा रावत को पार्टी से टिकट दिलाने एवं उन्हें जीत का ताज पहनाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इससे पहले नगरपालिका चुनाव में भी अध्यक्ष पद पर पार्टी के कई लोगों द्वारा दावेदारी की गई थी, लेकिन वहां भी राकेश नैनवाल का पार्टी में सक्रिय योगदान एवं संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से बेहतर तालमेल के चलते उन्होंने रुचि गिरी शर्मा को टिकट दिलाया था, हालांकि भाजपा को जीत नहीं मिल सकी थी। ब्लॉक प्रमुख पद पर पार्टी प्रत्याशी रेखा रावत की जीत के बाद समर्थक विजय जुलूस में उनके भी नारे लगाते हुए दिखाई दिए।
एसडीएम ने भी सभी का जताया आभार
रामनगर (नैनीताल)। सहायक निर्वाचन अधिकारी/एसडीएम हरगिरी ने शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न होने पर सभी का आभार जताया। चुनाव को लेकर विकास खंड कार्यालय में भारी मात्रा में सुरक्षा बल तैनात किया गया था। सीओ पंकज गैरोला एवं कोतवाल रवि कुमार सैनी भी चुनाव की गतिविधि पर पैनी नजर जमाए हुए थे।
परिणाम आते ही पति इंदर से लिपट कर रोने लगीं रेखा
रामनगर (नैनीताल)। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में प्रमुख पद पर जीत दर्ज करने वाली भाजपा की रेखा रावत के पति को देखते ही खुशी के आंसू छलक पड़े। मतगणना के दौरान रेखा रावत कक्ष में मौजूद थीं तथा उनके पति इंदर रावत एवं भाजपा कार्यकर्ता विकास खंड कार्यालय के बाहर खड़े थे। मतगणना के बाद जैसे ही उन्होंने इस चुनाव में जीत दर्ज की, वैसे ही वह कुछ देर के लिए खामोश हो गईं। इसके उपरांत निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें जीत का प्रमाणपत्र लेने के लिए कहा तो उन्होंने मौके पर अपने पति को बुलाने की बात कही, जिसके बाद उनके पति जैसे ही रेखा रावत के पास पहुंचे तो वह खुशी के आंसू नहीं रोक पाई और पति से लिपटकर रोने लगी। उन्होंने इस जीत का श्रेय पति को दिया। इसके बाद उनके पति के भी आंसू छलक गए। इंदर रावत ने पत्नी को जीत की बधाई देते हुए उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया।
रामनगर (नैनीताल)। रामनगर विकास खंड से ब्लॉक प्रमुख पद पर भाजपा की बागी प्रत्याशी श्वेता बिष्ट का पार्टी प्रत्याशी को समर्थन देने के बावजूद चुनाव मैदान में उतरना किसी के गले नहीं उतर रहा है। वहीं इस चुनाव में विधायक दीवान सिंह बिष्ट के पुत्र जगमोहन सिंह बिष्ट एवं बहू श्वेता बिष्ट द्वारा पार्टी के खिलाफ लिए गए निर्णय से विधायक की प्रतिष्ठा भी कहीं न कहीं दांव पर लग गई है।
ब्लॉक प्रमुख पद पर भाजपा द्वारा पूर्व में ही पार्टी की ओर से रेखा रावत को अपना प्रत्याशी घोषित किया गया था, लेकिन ब्लॉक प्रमुख पद के लिए हुए नामांकन में विधायक की बहू श्वेता बिष्ट ने नामांकन दाखिल कर पार्टी प्रत्याशी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी थी। भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा 2 नवंबर को नाम वापसी के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी श्वेता बिष्ट को काफी समझाया गया, लेकिन उन्होंने चुनाव मैदान से नहीं हटने का एलान कर दिया था। इसके बाद एक बार फिर उन्हें मनाने का प्रयास किया गया। नतीजतन मंगलवार को कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत के समक्ष हुई समझौता वार्ता में श्वेता बिष्ट ने पार्टी प्रत्याशी रेखा रावत को पुष्पगुच्छ भेंट कर उन्हें समर्थन देने की बात कही थी।
इसके बाद माना जा रहा था कि इस पद पर अब निर्विरोध चुनाव होगा, लेकिन ब्लॉक प्रमुख पद पर पार्टी प्रत्याशी का समर्थन करने के बाद बुधवार को प्रमुख पद एवं अन्य पदों पर हुए चुनाव में नया मोड़ तब देखने को मिला, जब पार्टी प्रत्याशी का समर्थन करने वाली श्वेता बिष्ट भी मतदान के दिन पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ मतदाताओं से अपने पक्ष में वोट करने की अपील करने के साथ ही अपनी खुद की एजेंट बनकर पूरे दिन मतदान एवं मतगणना स्थल पर डटी रहीं। इसे लेकर पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं में तरह-तरह की चर्चाएं भी देखने को मिली।
आपस में भी नहीं बोले श्वेेता और रेखा
ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रेखा रावत एवं भाजपा से निष्कासित विधायक की बहू अपने-अपने एजेंट खुद बने थे, लेकिन मतदान एवं मतगणना के समय दोनों प्रत्याशी अलग-अलग कोनों में बैठे थे। प्रतिद्वंद्विता ऐसी दिखी कि मंगलवार को एक-दूसरे का माल्यार्पण कर समझौता होने के बावजूद बुधवार को दोनों आपस में बिल्कुल भी नहीं बोले। वहीं, विधायक की बहू को अपनी जीत का इतना भरोसा था कि मतगणना के दौरान भी वह मौके पर डटी रहीं, लेकिन अपने मतपत्र कम देख वहां से खिसक ली।
नामकरण कराकर बेटी को लेकर पहुंची वोट डालने आईं किरन
रामनगर। बुधवार को साढ़े बारह बजे तक 35 में से 32 बीडीसी सदस्यों ने अपने मत का प्रयोग कर लिया था, लेकिन मालधन आनंदनगर की किरन को आने में समय लग गया, किरन के देरी से आने का कारण उनकी बेटी का नामकरण था। किरन ने बेटी का नामकरण कराया और फिर बेटी को लेकर मतदान करने पहुंचीं। इससे वह चर्चाओं में आ गई।
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बुधवार को विकास खंड कार्यालय में ब्लॉक प्रमुख पद को लेकर निर्वाचित 33 बीडीसी सदस्यों ने मतदान प्रक्रिया में भाग लिया।
दोपहर 3 बजे तक सभी 33 बीडीसी सदस्यों ने मतदान किया। दोपहर 3 बजे बाद हुई मतगणना में ब्लॉक प्रमुख पद पर भाजपा की प्रत्याशी रेखा रावत ने 21 मत प्राप्त कर शानदार जीत दर्ज की, जबकि इसी पद पर निर्दलीय चुनाव लड़ रहीं श्वेता बिष्ट को लेकर 12 मतों पर ही संतोष करना पड़ा। ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख पर भी सीधे मुकाबले में कांग्रेस के संजय नेगी ने 27 मत प्राप्त किए, उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी किरन रावत को केवल 6 ही मत मिले।
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कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख पद पर महेश चंद्र ने 20 मत प्राप्त किए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी मोरध्वज को 12 वोट पड़े। इस पद पर एक वोट निरस्त किया गया। विजयी प्रत्याशियों को सहायक चुनाव अधिकारी/एसडीएम हर गिरी ने प्रमाणपत्र बांटे। इसके बाद विजय प्रत्याशियों ने सभी का आभार जताया। ब्लॉक प्रमुख के विजय जुलूस में भाजपा के जिला महामंत्री राकेश नैनवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दिनेश मेहरा, नगराध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष हरीश बेलवाल, मालधन मंडल अध्यक्ष कमल किशोर, भावना भट्ट, वीरेंद्र रावत, पूरन नैनवाल, नीमा नैनवाल, भूपेंद्र खाती आदि थे।
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जिला महामंत्री राकेेेश नैनवाल का कद बढ़ा
रामनगर (नैनीताल)। ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर भाजपा की ओर से इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका पार्टी के जिला महामंत्री राकेश नैनवाल की देखने को मिली है। नैनवाल की पार्टी संगठन में मजबूत पकड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि संगठन में आपसी तालमेल एवं संगठन को मजबूत करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में रेखा रावत को पार्टी से टिकट दिलाने एवं उन्हें जीत का ताज पहनाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इससे पहले नगरपालिका चुनाव में भी अध्यक्ष पद पर पार्टी के कई लोगों द्वारा दावेदारी की गई थी, लेकिन वहां भी राकेश नैनवाल का पार्टी में सक्रिय योगदान एवं संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से बेहतर तालमेल के चलते उन्होंने रुचि गिरी शर्मा को टिकट दिलाया था, हालांकि भाजपा को जीत नहीं मिल सकी थी। ब्लॉक प्रमुख पद पर पार्टी प्रत्याशी रेखा रावत की जीत के बाद समर्थक विजय जुलूस में उनके भी नारे लगाते हुए दिखाई दिए।
एसडीएम ने भी सभी का जताया आभार
रामनगर (नैनीताल)। सहायक निर्वाचन अधिकारी/एसडीएम हरगिरी ने शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न होने पर सभी का आभार जताया। चुनाव को लेकर विकास खंड कार्यालय में भारी मात्रा में सुरक्षा बल तैनात किया गया था। सीओ पंकज गैरोला एवं कोतवाल रवि कुमार सैनी भी चुनाव की गतिविधि पर पैनी नजर जमाए हुए थे।
परिणाम आते ही पति इंदर से लिपट कर रोने लगीं रेखा
रामनगर (नैनीताल)। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में प्रमुख पद पर जीत दर्ज करने वाली भाजपा की रेखा रावत के पति को देखते ही खुशी के आंसू छलक पड़े। मतगणना के दौरान रेखा रावत कक्ष में मौजूद थीं तथा उनके पति इंदर रावत एवं भाजपा कार्यकर्ता विकास खंड कार्यालय के बाहर खड़े थे। मतगणना के बाद जैसे ही उन्होंने इस चुनाव में जीत दर्ज की, वैसे ही वह कुछ देर के लिए खामोश हो गईं। इसके उपरांत निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें जीत का प्रमाणपत्र लेने के लिए कहा तो उन्होंने मौके पर अपने पति को बुलाने की बात कही, जिसके बाद उनके पति जैसे ही रेखा रावत के पास पहुंचे तो वह खुशी के आंसू नहीं रोक पाई और पति से लिपटकर रोने लगी। उन्होंने इस जीत का श्रेय पति को दिया। इसके बाद उनके पति के भी आंसू छलक गए। इंदर रावत ने पत्नी को जीत की बधाई देते हुए उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया।
रामनगर (नैनीताल)। रामनगर विकास खंड से ब्लॉक प्रमुख पद पर भाजपा की बागी प्रत्याशी श्वेता बिष्ट का पार्टी प्रत्याशी को समर्थन देने के बावजूद चुनाव मैदान में उतरना किसी के गले नहीं उतर रहा है। वहीं इस चुनाव में विधायक दीवान सिंह बिष्ट के पुत्र जगमोहन सिंह बिष्ट एवं बहू श्वेता बिष्ट द्वारा पार्टी के खिलाफ लिए गए निर्णय से विधायक की प्रतिष्ठा भी कहीं न कहीं दांव पर लग गई है।
ब्लॉक प्रमुख पद पर भाजपा द्वारा पूर्व में ही पार्टी की ओर से रेखा रावत को अपना प्रत्याशी घोषित किया गया था, लेकिन ब्लॉक प्रमुख पद के लिए हुए नामांकन में विधायक की बहू श्वेता बिष्ट ने नामांकन दाखिल कर पार्टी प्रत्याशी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी थी। भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा 2 नवंबर को नाम वापसी के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी श्वेता बिष्ट को काफी समझाया गया, लेकिन उन्होंने चुनाव मैदान से नहीं हटने का एलान कर दिया था। इसके बाद एक बार फिर उन्हें मनाने का प्रयास किया गया। नतीजतन मंगलवार को कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत के समक्ष हुई समझौता वार्ता में श्वेता बिष्ट ने पार्टी प्रत्याशी रेखा रावत को पुष्पगुच्छ भेंट कर उन्हें समर्थन देने की बात कही थी।
इसके बाद माना जा रहा था कि इस पद पर अब निर्विरोध चुनाव होगा, लेकिन ब्लॉक प्रमुख पद पर पार्टी प्रत्याशी का समर्थन करने के बाद बुधवार को प्रमुख पद एवं अन्य पदों पर हुए चुनाव में नया मोड़ तब देखने को मिला, जब पार्टी प्रत्याशी का समर्थन करने वाली श्वेता बिष्ट भी मतदान के दिन पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ मतदाताओं से अपने पक्ष में वोट करने की अपील करने के साथ ही अपनी खुद की एजेंट बनकर पूरे दिन मतदान एवं मतगणना स्थल पर डटी रहीं। इसे लेकर पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं में तरह-तरह की चर्चाएं भी देखने को मिली।
आपस में भी नहीं बोले श्वेेता और रेखा
ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रेखा रावत एवं भाजपा से निष्कासित विधायक की बहू अपने-अपने एजेंट खुद बने थे, लेकिन मतदान एवं मतगणना के समय दोनों प्रत्याशी अलग-अलग कोनों में बैठे थे। प्रतिद्वंद्विता ऐसी दिखी कि मंगलवार को एक-दूसरे का माल्यार्पण कर समझौता होने के बावजूद बुधवार को दोनों आपस में बिल्कुल भी नहीं बोले। वहीं, विधायक की बहू को अपनी जीत का इतना भरोसा था कि मतगणना के दौरान भी वह मौके पर डटी रहीं, लेकिन अपने मतपत्र कम देख वहां से खिसक ली।
नामकरण कराकर बेटी को लेकर पहुंची वोट डालने आईं किरन
रामनगर। बुधवार को साढ़े बारह बजे तक 35 में से 32 बीडीसी सदस्यों ने अपने मत का प्रयोग कर लिया था, लेकिन मालधन आनंदनगर की किरन को आने में समय लग गया, किरन के देरी से आने का कारण उनकी बेटी का नामकरण था। किरन ने बेटी का नामकरण कराया और फिर बेटी को लेकर मतदान करने पहुंचीं। इससे वह चर्चाओं में आ गई।