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पंचायत चुनाव: मंत्री, विधायक और दायित्वधारी नहीं बचा पाए साख, BJP को फिर मुंह की खानी पडी; जानें हार के कारण

Fri, 01 Aug 2025 11:02 AM IST
हीरा मेहरा चंद्रेश पांडेय, अमर उजाला
चंद्रेश पांडेय, अमर उजाला Published by: हीरा मेहरा Updated Fri, 01 Aug 2025 11:02 AM IST
सार

जिला पंचायत चुनाव में नैनीताल जिले में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। जिला पंचायत की जिन 23 सीटों पर पार्टी ने प्रत्याशियों को समर्थन दिया था उनमें से पांच सीटों पर भाजपा, चार पर उनके बागी प्रत्याशियों और 15 पर निर्दलीय ने बाजी मारी है।

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BJP has faced a crushing defeat in the district panchayat elections in Nainital district
BJP - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला पंचायत चुनाव में नैनीताल जिले में सत्तारूढ़ भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। जिला पंचायत की जिन 23 सीटों पर पार्टी ने प्रत्याशियों को समर्थन दिया था उनमें से पांच सीटों पर भाजपा, चार पर उनके बागी प्रत्याशियों और 15 पर निर्दलीय ने बाजी मारी है। समाचार लिखे जाने तक रामनगर की तीन सीटों पर गिनती जारी थी। सत्तारूढ़ पार्टी के मंत्री, विधायक और दायित्वधारी भी इस चुनाव में अपनी साख बचाने में कामयाब नहीं हो सके हैं। निकाय चुनाव के बाद भाजपा को मिली यह दूसरी बड़ी हार है। पंचायत चुनाव को आगामी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल के रूप में भी देखा जा रहा था।

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नैनीताल जिले में जिला पंचायत की 27 सीटें हैं। इनमें से भाजपा ने 23 सीटों पर प्रत्याशियों को समर्थन दिया था। हालांकि इन प्रत्याशियों को पार्टी का सिंबल नहीं दिया था। भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को चुनाव जिताने के लिए सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, सरिता आर्या, दीवान सिंह बिष्ट व राम सिंह कैड़ा समेत भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट व सभी दायित्वधारी दिन-रात एक किए हुए थे।
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इनका दावा था कि जिला पंचायत की अधिकतर सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी ही चुनाव जीतेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को बैलेट पेपरों की गिनती शुरू हुई तो कहीं भाजपा के बागियों ने तो अधिकतर निर्दलीय प्रत्याशियों ने भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के सपने को चकनाचूर कर दिया। इससे पहले इसी साल जनवरी में हुए निकाय चुनाव में भाजपा को केवल नगर निगम हल्द्वानी की सीट जीतकर ही संतोष करना पड़ा था जबकि अन्य निकायों में कहीं निर्दलीय तो कहीं कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी।
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हार के प्रमुख पांच कारण
संगठन के पदाधिकारियों की ओर से समर्थित प्रत्याशियों से दूरी बनाना
जिला प्रशासन की ओर से लिए जा रहे जनविरोधी फैसले
भाजपा नेताओं का अति आत्मविश्वासी होना
टिकट वितरण में पार्टी से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ताओं की उपेक्षा
प्रत्याशियों के चयन में चूक

जिले में भाजपा का ही जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा बनेगा। इसके लिए पार्टी चुनाव जीत चुके निर्दलीय व बागी सदस्यों का समर्थन लेगी। ऐसे सभी विजयी प्रत्याशियों से बातचीत हो गई है। भाजपा ने नैनीताल जिले में जिला पंचायत की 23 सीटों पर प्रत्याशियों को समर्थन दिया था। सात प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। इसके अलावा जो सीटें स्वतंत्र छोड़ी थी वहां भी भाजपा से जुड़े लोग ही चुनाव जीते हैं। -प्रताप सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष

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