{"_id":"5f88b2038ebc3e5be028c3a6","slug":"bijrani-and-the-alert-zone-have-visited-the-tourists-ramnagar-news-hld4007094195","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजरानी और सीतावनी जोन ने किया पर्यटकों का इस्तकबाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजरानी और सीतावनी जोन ने किया पर्यटकों का इस्तकबाल
विज्ञापन
रामनगर के कॉर्बेट पार्क के बिजरानी जोन में सैलानियों की जिप्सी के पीछे दौड़ता हाथी।
- फोटो : RAMNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट नेशनल पार्क का बिजरानी जोन और सीतावनी जोन का टेड़ा गेट बृहस्पतिवार से पर्यटकों के लिए खुल गए। सैलानियों ने जंगल के उन्मुक्त वातावरण में घूमते हुए वन्य जीवों को देखने का लुत्फ उठाया। हालांकि बाघ के दीदार न होने से उनको निराशा हुई।
पार्क वार्डन आरके तिवारी ने बृहस्पतिवार को रिबन काटकर और हरी झंडी दिखाकर बिजरानी जोन को पर्यटकों के लिए खोल दिया। पहली गाड़ी में गुजरात से आए सैलानी विलियम मुदालीर, अबन मुदालीर सबसे पहले जंगल भ्रमण को गए। सुबह की पाली में 132 और शाम की पाली में 153 पर्यटकों ने जंगल सफारी की और 22 पर्यटकों ने रात्रि विश्राम किया। बिजरानी जोन के रेंज अधिकारी राजकुमार ने बताया कि विभाग की तरफ से पूरी तैयारियां की गई हैं। जिप्सी को प्रवेश देने से पहले सैनिटाइज करने की व्यवस्था की गई है। दूसरी ओर सीतावनी जोन का टेड़ा गेट भी पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। कोसी रेंजर ललित मोहन जोशी ने टेड़ा गेट पर पर्यटकों की जिप्सी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीएफओ रामनगर वन प्रभाग चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि सीतावनी जोन में सात गाड़ियों से 35 पर्यटकों ने कुदरती नजारों का आनंद लिया।
सैलानियों की जिप्सी के पीछे दौड़े गजराज
कॉर्बेट के बिजरानी जोन में सुबह की पाली में जंगल सफारी को गए सैलानियों की जिप्सियों के पीछे अचानक तीन हाथी दौड़ पड़े। सैलानियों की धड़कनें बढ़ीं तो जरूर लेकिन जिप्सी चालकों ने गाड़ियां दौड़ाकर उनको सुरक्षित निकाल लिया।
विज्ञापन
दिल्ली से आए सैलानी सुबह की पाली में बिजरानी जोन में सफारी के लिए गए। बिजरानी के अंदर तीन जिप्सियों के पीछे तीन हाथी आक्रामक हो गए। हाथियों के साथ उनके बच्चे भी थे। हाथियों को जिप्सी के पीछे भागते देख सैलानियों की धड़कनें तेज हो गईं। जिप्सी चालक ने वाहनों को भागते हुए सैलानियों की जान बचाई। कुछ देर बाद जब हाथियों का झुंड वहां से निकल गया, तब जाकर सैलानियों ने राहत की सांस ली। बिजरानी जोन के रेंजर राजकुमार ने बताया कि झुंड में बच्चे होने की वजह से हाथी अक्सर आक्रामक हो जाते है। बृहस्पतिवार को सैलानियों की जिप्सी के पीछे हाथी दौड़ पड़े, लेकिन जिप्सी दूर जाने के बाद वह शांत हो गए।
विज्ञापन
पार्क वार्डन आरके तिवारी ने बृहस्पतिवार को रिबन काटकर और हरी झंडी दिखाकर बिजरानी जोन को पर्यटकों के लिए खोल दिया। पहली गाड़ी में गुजरात से आए सैलानी विलियम मुदालीर, अबन मुदालीर सबसे पहले जंगल भ्रमण को गए। सुबह की पाली में 132 और शाम की पाली में 153 पर्यटकों ने जंगल सफारी की और 22 पर्यटकों ने रात्रि विश्राम किया। बिजरानी जोन के रेंज अधिकारी राजकुमार ने बताया कि विभाग की तरफ से पूरी तैयारियां की गई हैं। जिप्सी को प्रवेश देने से पहले सैनिटाइज करने की व्यवस्था की गई है। दूसरी ओर सीतावनी जोन का टेड़ा गेट भी पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। कोसी रेंजर ललित मोहन जोशी ने टेड़ा गेट पर पर्यटकों की जिप्सी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीएफओ रामनगर वन प्रभाग चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि सीतावनी जोन में सात गाड़ियों से 35 पर्यटकों ने कुदरती नजारों का आनंद लिया।
विज्ञापन
सैलानियों की जिप्सी के पीछे दौड़े गजराज
कॉर्बेट के बिजरानी जोन में सुबह की पाली में जंगल सफारी को गए सैलानियों की जिप्सियों के पीछे अचानक तीन हाथी दौड़ पड़े। सैलानियों की धड़कनें बढ़ीं तो जरूर लेकिन जिप्सी चालकों ने गाड़ियां दौड़ाकर उनको सुरक्षित निकाल लिया।
विज्ञापन
दिल्ली से आए सैलानी सुबह की पाली में बिजरानी जोन में सफारी के लिए गए। बिजरानी के अंदर तीन जिप्सियों के पीछे तीन हाथी आक्रामक हो गए। हाथियों के साथ उनके बच्चे भी थे। हाथियों को जिप्सी के पीछे भागते देख सैलानियों की धड़कनें तेज हो गईं। जिप्सी चालक ने वाहनों को भागते हुए सैलानियों की जान बचाई। कुछ देर बाद जब हाथियों का झुंड वहां से निकल गया, तब जाकर सैलानियों ने राहत की सांस ली। बिजरानी जोन के रेंजर राजकुमार ने बताया कि झुंड में बच्चे होने की वजह से हाथी अक्सर आक्रामक हो जाते है। बृहस्पतिवार को सैलानियों की जिप्सी के पीछे हाथी दौड़ पड़े, लेकिन जिप्सी दूर जाने के बाद वह शांत हो गए।