{"_id":"573a161f4f1c1bd918ac7ee8","slug":"bhimtal-is-the-bimlal","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीमताल को भीमलाल किया गया है ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भीमताल को भीमलाल किया गया है
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल
Updated Tue, 17 May 2016 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीजेपी के बागी विधायक भीमलाल आर्य की सदस्यता बरकरार रखने के मामले में आर्य के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में जवाब देने के लिए अदालत से पहले जारी हुआ नोटिस उनके मुवक्किल को नहीं मिला है। इस पर हाईकोर्ट ने भीमलाल आर्य को अब दस्ती (हाथोंहाथ प्राप्त होने वाला) नोटिस जारी किया है। इस प्रकरण पर अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए दस दिन बाद नियत की है।
बता दें कि भाजपा के मुख्य सचेतक मदन कौशिक ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें भीमलाल आर्य की सदस्यता को बरकरार रखा था। याचिका में कहा था कि व्हिप के बावजूद भीमलाल आर्य सदन से 18 मार्च को गैरमौजूद रहे, जिसकी शिकायत की अनदेखी करते हुए स्पीकर ने उनकी सदस्यता बरकरार रखी है।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने व्हिप के उल्लघंन का मामला बनाते हुए दल बदल कानून के तहत आर्य की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने का अनुरोध किया था। न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की अदालत ने सोमवार को पक्षों की सुनवाई के बाद भीमलाल आर्य को दस्ती नोटिस जारी कर मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 दिन बाद नियत की।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि भाजपा के मुख्य सचेतक मदन कौशिक ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें भीमलाल आर्य की सदस्यता को बरकरार रखा था। याचिका में कहा था कि व्हिप के बावजूद भीमलाल आर्य सदन से 18 मार्च को गैरमौजूद रहे, जिसकी शिकायत की अनदेखी करते हुए स्पीकर ने उनकी सदस्यता बरकरार रखी है।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने व्हिप के उल्लघंन का मामला बनाते हुए दल बदल कानून के तहत आर्य की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने का अनुरोध किया था। न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की अदालत ने सोमवार को पक्षों की सुनवाई के बाद भीमलाल आर्य को दस्ती नोटिस जारी कर मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 दिन बाद नियत की।
विज्ञापन