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बेलबाबा: बेल के पेड़ की जड़ में समाधिस्त हो गए बाबा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jul 2025 11:39 PM IST
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Belbaba: Baba attained Samadhi at the root of the Bel tree
हल्द्वानी। शहर में भगवान शिव का प्रसिद्ध मंदिर रामपुर रोड स्थित फुटकुआं में है जिसे बेलबाबा नाम से जाना जाता है। शिवरात्रि हो या सावन का महीना, यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ शीश नवाने पहुंचती है। कहा जाता है कि मंदिर बनने से पूर्व यहां एक बेल का पेड़ था जिसके नीचे एक सिद्ध संत ने तपस्या की। उन्होंने अकाल से जूझ रहे रहे क्षेत्र में चमत्कार दिखाकर लोगों की आस्था को बढ़ाया।बताया जाता है कि 1890 के आसपास इस क्षेत्र में घूमते-घूमते एक संत पहुंचे और बेल के पेड़ के नीचे उन्होंने तपस्या शुरू कर दी। लंबे समय से बारिश नहीं होने से तब अकाल की स्थिति बनी हुई थी। उस समय लोगों ने संत को बारिश न होने की गंभीर स्थिति के बारे में बताया और संकट से निजात दिलाने की प्रार्थना की। तब संत ने कहा कि अगर बारिश होगी तो वह नहीं रहेंगे, आप तय करो क्या चाहते हो। लोग उनकी बात सुनकर उदास मन से घरों को लौट गए।अचानक उसी रात तेज बारिश शुरू हो गई जो अगले दिन तक जारी रही। दूसरे दिन सुबह लोग बारिश होने पर खुश दिखे और संत को देखने पहुंचे। तब तक संत उसी पेड़ के नीचे समाधिस्थ हो चुके थे। बाद में उसी बेल के पेड़ के नीचे उनकी समाधि बनाई गई। संत के दिव्य चमत्कार को सुनने के बाद यहां नानतिन महाराज और दंडीश्वर शंकर गिरी महाराज भी आए। दंडीश्वर महाराज यहां काफी सालों तक रहे। उन्होंने यहां शंकर और देवी मंदिर की स्थापना करवाई। तब से हर साल शिवरात्रि में यहां श्रद्धानु बड़ी संख्या में दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।
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