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हाथियों को आबादी में आने से रोकेगी बीहाइव फेंसिंग
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रामनगर के ढेला गांव में कॉर्बेट निदेशक धीरज पाण्डेय व अन्य अधिकारी ग्रामीणों के साथ बैठक करते हु?
- फोटो : RAMNAGAR
रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व हाथियों को आबादी में आने से रोकने के लिए विदेशों की तर्ज पर बीहाइव फेंसिंग लगा रहा है। बीहाइव फेंसिंग यानी पोल पर मधुमक्खियों के छत्ते लगाए जाएंगे। इसके लिए कॉर्बेट की सीमा से सटे ईडीसी (ईको डेवलपमेंट कमेटी) के ग्रामीणों के साथ बैठक की गई।
आमतौर पर आबादी में घुसकर हाथी हमलावर होता है और हाथियों के झुंड ग्रामीणों की फसलें भी बर्बाद कर देते हैं। कॉर्बेट पार्क से लगे क्षेत्रों के ग्रामीण खेती पर ही निर्भर हैं लेकिन जंगली जानवर उनकी फसलों को बर्बाद कर देते हैं। पार्क वार्डन अमित ग्वासाकोटी ने बताया कि पार्क में पहली बार बीहाइव फेंसिंग यानी मधुमक्खियों के छत्ते के जरिए हाथियों को आबादी में आने से रोकने की योजना बनाई है जो विदेशों में काफी कारगर साबित हुई है। हाथी हमेशा मधुमक्खियों से दूर भागता है। अपने आसपास मधुमक्खियों की भनक लगते ही हाथी जंगल का रुख कर लेगा।
ऐसे लगाई जाएगी बीहाइव फेंसिंग
पार्क वार्डन ने बताया कि कॉर्बेट पार्क से सटे गांव की सीमा पर चार से पांच फीट के पोल लगाए जाएंगे। एक पोल पर दो बॉक्स रखे जाएंगे। इनमें मधुमक्खियों का छत्ता रखा जाएगा। पोल की आपस में दूरी तीन से पांच मीटर तक होगी। कॉर्बेट के आसपास 17 ईडीसी गांव हैं। गांव वालों को इस योजना के बारे में बताया जाएगा।
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ढेला के ग्रामीणों के साथ हुई बैठक
रामनगर। ढेला के ग्रामीणों के साथ शुक्रवार को कॉर्बेट निदेशक डा. धीरज पांडेय, उप निदेशक नीरज शर्मा, ढेला रेंजर संदीप गिरी ने ईडीसी गांव के ग्रामीणों के साथ बैठक की। ग्रामीणों को बताया कि मधुमक्खी पालन की जिम्मेदारी विभाग के अलावा ग्रामीणों की भी होगी। मौन पालन से मिलने वाले शहद से ग्रामीणों को स्वरोजगार का साधन भी मिलेगा। हाथियों के न आने से उनकी फसल बेहतर होने से लाभ होगा। कॉर्बेट के उपनिदेशक ने बताया कि ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें बीहाइव फेंसिंग की जानकारी दी गई।
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आमतौर पर आबादी में घुसकर हाथी हमलावर होता है और हाथियों के झुंड ग्रामीणों की फसलें भी बर्बाद कर देते हैं। कॉर्बेट पार्क से लगे क्षेत्रों के ग्रामीण खेती पर ही निर्भर हैं लेकिन जंगली जानवर उनकी फसलों को बर्बाद कर देते हैं। पार्क वार्डन अमित ग्वासाकोटी ने बताया कि पार्क में पहली बार बीहाइव फेंसिंग यानी मधुमक्खियों के छत्ते के जरिए हाथियों को आबादी में आने से रोकने की योजना बनाई है जो विदेशों में काफी कारगर साबित हुई है। हाथी हमेशा मधुमक्खियों से दूर भागता है। अपने आसपास मधुमक्खियों की भनक लगते ही हाथी जंगल का रुख कर लेगा।
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ऐसे लगाई जाएगी बीहाइव फेंसिंग
पार्क वार्डन ने बताया कि कॉर्बेट पार्क से सटे गांव की सीमा पर चार से पांच फीट के पोल लगाए जाएंगे। एक पोल पर दो बॉक्स रखे जाएंगे। इनमें मधुमक्खियों का छत्ता रखा जाएगा। पोल की आपस में दूरी तीन से पांच मीटर तक होगी। कॉर्बेट के आसपास 17 ईडीसी गांव हैं। गांव वालों को इस योजना के बारे में बताया जाएगा।
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ढेला के ग्रामीणों के साथ हुई बैठक
रामनगर। ढेला के ग्रामीणों के साथ शुक्रवार को कॉर्बेट निदेशक डा. धीरज पांडेय, उप निदेशक नीरज शर्मा, ढेला रेंजर संदीप गिरी ने ईडीसी गांव के ग्रामीणों के साथ बैठक की। ग्रामीणों को बताया कि मधुमक्खी पालन की जिम्मेदारी विभाग के अलावा ग्रामीणों की भी होगी। मौन पालन से मिलने वाले शहद से ग्रामीणों को स्वरोजगार का साधन भी मिलेगा। हाथियों के न आने से उनकी फसल बेहतर होने से लाभ होगा। कॉर्बेट के उपनिदेशक ने बताया कि ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें बीहाइव फेंसिंग की जानकारी दी गई।