50 वर्ग मीटर भूमि होने पर ही बन सकेंगे मकान
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झील विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में नगर में नियोजित भवन निर्माण समेत शहर और कर्मचारी हित में कई प्रस्ताव पारित किए गए। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2015-16 के आय और व्यय का भी अनुमानित बजट पारित किया गया।
कुमाऊं आयुक्त अवनेंद्र सिंह नयाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि निजी भूमि पर भवन निर्माण के लिए भी 50 वर्ग मीटर भूमि होना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही नक्शा नियत मानकों के क्रम में स्वीकृत किया जाएगा। बता दें कि पूर्व में यह अनिवार्यता 30 वर्ग मीटर थी।
प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को भेजने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से प्राधिकरण बायलाज के अनुरूप 7.5 मीटर की ऊंचाई तक भवन निर्माण की स्वीकृति के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। यह नियम सुरक्षित जोन में ही लागू होगा।
बोर्ड बैठक में भवनों के पुनर्निर्माण के संबंध में आवश्यक दस्तावेज, उनकी पड़ताल व विभिन्न विभागों की एनओसी के बाद ही स्वीकृति दिया जाना तय किया गया।
इसमें प्राधिकरण में कार्यरत लगभग आधा दर्जन दैनिक वेतन भोगियों को छठे वेतन आयोग का लाभ इसी माह से दिया जाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। राम सेवक सभा के भवन के ऊपर की छत को निर्माण मामले को शासन की स्वीकृति के लिए भेजे जाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2015-16 के अनुमानित 446.75 लाख रुपये आय व 440.50 लाख रुपये के व्यय का बजट को भी पारित किया गया। जिसमें से जुलाई माह तक हुई 158.45 लाख रुपये की आय व 94.45 लाख रुपये के व्यय का भी अनुमोदन किया गया।
बैठक में डीएम दीपक रावत, एलडीए सचिव श्रीष कुमार, पावर कार्पोरेशन के एसई राजेंद्र गुंज्याल, संयुक्त नियोजक गीता खुल्बे, सहायक नियोजक दिनेश वर्मा, परियोजना अधिकारी सीएम साह मौजूद थे।