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जिप्सी चालकों का एआरटीओ ने काटा चालान

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 17 Mar 2022 02:45 AM IST
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ARTO deducted challan of gypsy drivers
रामनगर। कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे रामनगर वनप्रभाग के सीतावनी जोन में एआरटीओ ने जिप्सी चालकों का चालान काटा। चालान काटने से गुस्साए जिप्सी स्वामी और चालकों ने एआरटीओ कार्यालय का घेराव किया और ज्ञापन दिया। चालान रद्द करने के साथ ही जिप्सियों को ऑल इंडिया परमिट देने की मांग की है।
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जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में भ्रमण के लिए कैंटर और जिप्सियां ही मान्य हैं। वहीं कॉर्बेट में चलने वाली जिप्सियों को केवल 35 किलोमीटर के क्षेत्रफल में ही चालाने की अनुमति परिवहन विभाग से मिलती है। बुधवार को एआरटीओ कार्यालय में पहुंचे जिप्सी चालक ललित नेगी ने बताया कि रोजगार को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने रामनगर वनप्रभाग के सीतावनी और तराई पश्चिम वनप्रभाग के फाटो जोन में सफारी शुरू कराई थी। उन्होंने बताया कि दोनों जोन 35 किलोमीटर के दायरे से बाहर आते हैं। कहा कि मंगलवार को सीतावनी भ्रमण के दौरान 25 जिप्सी चालकों को एआरटीओ प्रवर्तन नेे सीमा से बाहर होने पर पांच-पांच हजार रुपये का चालान काट दिया। जिप्सी चालाक ऑल इंडिया परमिट के बराबर फीस जमा करते हैं। जिप्सी चालकों ने ऑल इंडिया परमिट देने की मांग की है।
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इस दौरान प्रेम मेहरा, अरुण कुमार, दिनेश कुमार, मनोज पांडेय, मोहन सुयाल, मोहित बिष्ट, प्रेम भंडारी, मानसिंह, चंदन सिंह, संजय, साबिर अहमद, महेश बिष्ट, धीरज, नूर अहमद आदि रहे। दूसरी ओर, एआरटीओ संदीप वर्मा ने बताया कि विरोध करने वालों की जिप्सियां का कॉर्बेट में परमिट है। सीतावनी के लिए उनके पास कोई परमिट नहीं है।
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सीतावनी के लोगों ने सीएम पोर्टल पर शिकायत की थी। चालान करने से पहले इन जिप्सी चालकों को बताया दिया गया था।
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