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गंगा के किनारे कूड़ाघर बनाने के विरुद्ध दायर याचिका निस्तारित
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 May 2017 01:12 AM IST
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- फोटो : google
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हाइकोर्ट ने गंगा के किनारे कूड़ाघर बनाए जाने के मामले में ऋषिकेश नगरपालिका की ओर से हलफनामा पेश करने के बाद दायर जनहित याचिका सोमवार को निस्तारित कर दी। नगरपालिका की ओर से आश्वासन दिया गया कि कूड़ाघर बनाने से पहले वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति व जनसुनवाई के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
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मामले के अनुसार ग्राम खादरी खडक माफ सत्यनारायण मंदिर ऋषिकेश जिला देहरादून निवासी स्वरूप सिंह पुंडीर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि भारत सरकार की ओर से हजारों करोड़ रुपये गंगा की सफाई पर खर्च किया जा रहा है, वहीं उत्तराखंड की पिछली कांग्रेस सरकार ने 2015 में ग्राम पंचायत खादरी खडक माफ की दस एकड़ भूमि बिना ग्राम पंचायत की सहमति से गंगा के किनारे कूड़ा घर बनाने के लिए नगरपालिका परिषद ऋषिकेश के पक्ष में आवंटित कर दी।
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इसके विरोध में ग्राम प्रधान की ओर से 2015 में भी जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से कूड़ाघर न बनाए जाने और आवंटन निरस्त करने की प्रार्थना की थी। याची का आरोप था कि नगरपालिका द्वारा केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के बगैर निर्माण से संबंधित कब्जा लेने की कार्रवाई की जा रही है।
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मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान ऋषिकेश नगरपालिका के अधिवक्ता की ओर से आश्वासन दिया था कि कूड़ाघर बनाने से पूर्व पर्यावरण संबंधी औपचारिकताएं पूर्ण करने के पश्चात ही निर्माण कार्य किया जाएगा।