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यमकेश्वर ब्लॉक प्रमुख सीट पर आरक्षण के मामले में जवाब तलब
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लॉक प्रमुख की सीट पर आरक्षण के मामले में निदेशक पंचायती राज को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन का त्वरित निस्तारण करें और नियमानुसार कार्रवाई करें। हाईकोर्ट ने निदेशक पंचायती राज को नोटिस जारी कर तीन हफ्तों में जवाब मांगा है। कोर्ट ने निदेशक से पूछा है कि आखिर क्यों अधिसूचना के बाद आरक्षण में बदलाव किया गया है।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। यमकेश्वर ब्लॉक प्रमुख सीट के लिए 31 अगस्त को अंतिम आरक्षण तय कर दिया गया था। पंचायती राज विभाग ने इसे सामान्य सीट घोषित किया था। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए 12 सितंबर को निदेशक पंचायती राज ने सीट में आरक्षण का बदलाव कर इसे महिला सीट के लिए तय कर दिया।
इस आदेश को तोला गांव के पूर्व प्रधान ने चुनौती देते हुए कहा है कि पूर्ण कार्यवाही के बाद पहला आरक्षण तय किया गया था, लेकिन बिना सुनवाई के इस सीट के आरक्षण में बदलाव कर दिया गया और इसमें रोटेशन का भी उल्लंघन किया गया है। याचिका में कहा गया कि 2014 में भी इस सीट का आरक्षण महिला सामान्य के लिए था और 2019 में भी आरक्षण महिला के लिए नहीं हो सकता है।
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न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। यमकेश्वर ब्लॉक प्रमुख सीट के लिए 31 अगस्त को अंतिम आरक्षण तय कर दिया गया था। पंचायती राज विभाग ने इसे सामान्य सीट घोषित किया था। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए 12 सितंबर को निदेशक पंचायती राज ने सीट में आरक्षण का बदलाव कर इसे महिला सीट के लिए तय कर दिया।
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इस आदेश को तोला गांव के पूर्व प्रधान ने चुनौती देते हुए कहा है कि पूर्ण कार्यवाही के बाद पहला आरक्षण तय किया गया था, लेकिन बिना सुनवाई के इस सीट के आरक्षण में बदलाव कर दिया गया और इसमें रोटेशन का भी उल्लंघन किया गया है। याचिका में कहा गया कि 2014 में भी इस सीट का आरक्षण महिला सामान्य के लिए था और 2019 में भी आरक्षण महिला के लिए नहीं हो सकता है।
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