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केंद्रीय नेतृत्व ले रहा है कुमाऊं केे भाजपा नेताओं के असंतोष की थाह
अमरनाथ्ा
Updated Sun, 29 Jan 2017 01:48 AM IST
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टिकट वितरण से उपजे असंतोष की थाह लेने के लिए भाजपा केंद्रीय नेतृत्व कुमाऊं में निगरानी के लिए बाहर से आए भाजपा नेताओं के सर्वे का सहारा ले रहा है। परेशानी की बात यह है कि ये नेता भी मान रहे हैं कि बागियों को तरजीह देने और चुनाव की तैयारी कर रहे पार्टी नेताओं की अनदेखी से भाजपा को कुमाऊं में नुकसान हो सकता है।
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जानकारी के मुताबिक हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के पार्टी नेता भी भाजपा के चुनाव प्रचार के लिए कुमाऊं में पहुंच गए हैं। केंद्रीय नेतृत्व इन पार्टी नेताओं से सर्वे कराकर कुमाऊं के पार्टी नेताओं में उपजे असंतोष की गोपनीय रिपोर्ट हासिल कर रहा है।
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सूत्र बताते हैं कि चुनावी समर भूमि में उतरे कई उम्मीदवाराें से नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी और पूर्व सांसद बची सिंह रावत का दूर रहना कहीं न कहीं टिकट बंटवारे के प्रति उनकी भी नाराजगी का संकेत दे रहा है।
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उनके कई चहेतों ने भी नाराज होकर प्रचार से दूरियां बना ली हैं। हालांकि नाराज नेताओं को मनाने का दौर शुरू हो गया है। संघ से लंबे समय से जुड़े एक नेता के मुताबिक हल्द्वानी, नैनीताल, अल्मोड़ा, भीमताल समेत कुमाऊं की कई सीटों पर चुनाव की तैयारी में जुटे पार्टी कार्यकर्ताओं को टिकट न देने और बागियों को टिकट देने से पार्टी को नुकसान होगा।
इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है। पिछले कुछ समय के घटनाक्रम से यह संदेश भी गया है कि अब चाहे किसी भी दल के नेता हों, बीजेपी में दूसरे दल के बागी अचानक टिकट हासिल कर सकते हैं।
संघ से जुड़े इस नेता का मानना है कि अब पार्टी की जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार पर अधिक भरोसा करना होगा। मोदी अपने दमदार प्रचार की लहर से कुछ प्रतिशत वोट को भाजपा के पक्ष में कर सकते हैं।