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अमर उजाला सुपर टैलेंट के मंच पर उमड़ी प्रतिभाएं, दिखाया जलवा
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Sun, 25 Sep 2016 11:36 PM IST
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टेलेंट हंट प्रतियोगिता
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला सुपर टैलेंट प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों की भीड़ उमड़ पड़ी। केवल कुमाऊं से नहीं बल्कि यूपी से भी प्रतिभागी अपना जलवा, प्रतिभा दिखाने के लिए पहुंचे। उनके लिए दूरी नहीं बल्कि प्रतिभा को पहचान मिल सके लक्ष्य था।
एसकेएम स्कूल में आयोजित सिंगिंग एंड स्टैंड अप कॉमेडी कांटेस्ट में शामिल होने का प्रतिभागियों में खासा उत्साह था। प्रतिभागी नियत समय से काफी पहले ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे। प्रतिभागियों ने सूफी, क्लासिकल, गजल, बालीवुड से लेकर पंजाबी और कुमाऊंनी गीतों को प्रस्तुत किया तो लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
एक बाद एक स्वर लहरियां फिजां में गूंजती रही और लोग बस गीतों का आनंद लेते रहे। इस मंच के माध्यम से हर आयु वर्ग के लोगों को अपनी गायन, कामेडी प्रतिभा को दिखाने का अवसर मिला। बात जब कामेडी की आई तो इसमें कलाकारों ने बस रंग जमा दिया। मिमिक्री आदि के जरिए लोगों को ठहाके लगाने को मजबूर कर दिया।
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हर प्रस्तुति के बाद हाल ठहाकों से गूंजता रहा। निर्णायक प्रभा बिष्ट बैरोला, शमिष्ठा चक्रवर्ती, व्यापक जोशी, राम लोहनी ने प्रतिभागियों को प्रस्तुतीकरण, रियाज और संगीत की साधना के संबंध में भी जानकारी दी। राजीव शर्मा, स्मित तिवारी ने कलाकारों की योग्यता, क्षमता को आंकने के साथ उपयोगी टिप्स दिए। निर्णायक मंडल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समय की जरूरत हैं, जिसके माध्यम से क्षमताशाली कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का उचित अवसर मिलता है।
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एसकेएम स्कूल में आयोजित सिंगिंग एंड स्टैंड अप कॉमेडी कांटेस्ट में शामिल होने का प्रतिभागियों में खासा उत्साह था। प्रतिभागी नियत समय से काफी पहले ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे। प्रतिभागियों ने सूफी, क्लासिकल, गजल, बालीवुड से लेकर पंजाबी और कुमाऊंनी गीतों को प्रस्तुत किया तो लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
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एक बाद एक स्वर लहरियां फिजां में गूंजती रही और लोग बस गीतों का आनंद लेते रहे। इस मंच के माध्यम से हर आयु वर्ग के लोगों को अपनी गायन, कामेडी प्रतिभा को दिखाने का अवसर मिला। बात जब कामेडी की आई तो इसमें कलाकारों ने बस रंग जमा दिया। मिमिक्री आदि के जरिए लोगों को ठहाके लगाने को मजबूर कर दिया।
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हर प्रस्तुति के बाद हाल ठहाकों से गूंजता रहा। निर्णायक प्रभा बिष्ट बैरोला, शमिष्ठा चक्रवर्ती, व्यापक जोशी, राम लोहनी ने प्रतिभागियों को प्रस्तुतीकरण, रियाज और संगीत की साधना के संबंध में भी जानकारी दी। राजीव शर्मा, स्मित तिवारी ने कलाकारों की योग्यता, क्षमता को आंकने के साथ उपयोगी टिप्स दिए। निर्णायक मंडल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समय की जरूरत हैं, जिसके माध्यम से क्षमताशाली कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का उचित अवसर मिलता है।