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Haldwani: पढ़ाई के साथ-साथ छलिया नृत्य कर आय जुटा रहे बच्चे, शिक्षक चंद्रशेखर जोशी के नवाचार से हो पाया संभव

Fri, 04 Apr 2025 12:24 PM IST
हीरा मेहरा दीपक कापड़ी, संवाद
दीपक कापड़ी, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Fri, 04 Apr 2025 12:24 PM IST
सार

पिथौरागढ़ के सल्ला चिंगरी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक चंद्रशेखर जोशी ने अनूठी पहल की है। उन्होंने विद्यालय में 10 छलिया नृतकों के दल को तैयार किया है। इस दल में ऐसे बच्चों को शामिल किया गया है, जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है।

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Along with studies, children are earning income by doing Chhaliya dance in kumaon uttarakhand
शिक्षक चंद्रशेखर जोशी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को रोजगार परक शिक्षा देने के लिए सीमांत जिले पिथौरागढ़ के सल्ला चिंगरी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक चंद्रशेखर जोशी ने अनूठी पहल की है। उन्होंने विद्यालय में 10 छलिया नृतकों के दल को तैयार किया है। इस दल में ऐसे बच्चों को शामिल किया गया है, जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। बच्चों का यह दल क्षेत्र में विवाह, नामकरण और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होकर हर बार 12 से 15 हजार रुपये जुटा लेते हैं। शिक्षक के प्रयासों की लोगों ने सराहना की है।

नेपाल सीमा से लगे सल्ला चिंगरी के इस स्कूल में वर्तमान में 52 छात्र संख्या है। सरकारी स्कूल होने के कारण इस स्कूल में अधिकांश गरीब वर्ग के ही छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। अमर उजाला और एमआईईटी की ओर से ‘देवभूमि शिक्षा उत्कृष्टता कार्यक्रम 2025’ में पहुंचे विद्यालय के प्रधानाध्यपक चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि वर्ष 2017 में इस विद्यालय में आने के बाद वह नए से नए नवाचार कर बच्चों को रोजगार परक शिक्षा दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। शादी-समारोह और अन्य आयोजनों में कुमाऊं के प्रसिद्ध छलिया नृत्य की डिमांड बढ़ने के बाद उनके मन में ख्याल आया कि महंगाई के दौर में छलिया नृतक एक समारोह में हिस्सा लेने के लिए 30 से 40 हजार रुपये लेते हैं। ऐसे में गरीब छात्रों के लिए भी यह नृत्य सहारा बन सकता है।

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जोशी ने बच्चों को छलिया नृत्य में पारंगत बनाकर रोजगार परक शिक्षा से जोड़ने का निर्णय लिया। उनके इस कार्य में शिक्षिका मनोहारी गिरी ने सहयोग किया। दोनों की मेहनत धरातल पर उतर आई है। उन्होंने 10 ऐसे बच्चों का दल तैयार किया, जो समारोह में हिस्सा लेकर छलिया नृत्य प्रस्तुत करते हैं और परिवार के जीवन यापन के लिए जरूरत लायक रकम जुटा लेते हैं। जोशी ने बताया कि छलिया नृत्य प्रस्तुत करने में बच्चों को अच्छा इनाम भी मिलता है। लोगों ने शिक्षक के प्रयासों की सराहना की है।

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शनिवार को लगती है विद्यालय में मस्ती की पाठशाला
पीएमश्री राजकीय प्राथमिक विद्यालय सल्ला चिंगरी में प्रत्येक शनिवार मस्ती की पाठशाला लगती है। इस दिन बच्चे स्कूल में बैग लेकर नहीं आते हैं। इस दिन वह नए-नए नवाचार करते हैं, जिसमें च्यूरे का घी बनाना, अचार बनाना, घास से झाड़ू बनाना, मशरूम उत्पादन, फूलों की खेती आदि शामिल हैं। इस प्रयास के बाद सभी अभिभावक बच्चों को रोज स्कूल भेजते हैं।

छोटी सी उम्र से सीख रही हैं ब्यूटीशियन का कोर्स
सल्ला चिंगरी विद्यालय में छोटी उम्र की छात्राओं को ब्यूटीशियन का कोर्स कराकर स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। इस विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं ग्रामीण क्षेत्रों में दुल्हन को सजाने का कार्य कर अपने और परिवार की आजीविका में सुधार को प्रयास कर रही हैं।

ये छात्र करते हैं छलिया नृत्य
अंशुमन कुमार, अनुज चंद, प्रतीक कुमार, गौरव चंद, सौरभ सिंह, धीरज सिंह, करन कुमार, चंद्रशेखर सिंह, खीमराज और रोशन।

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