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तीन साल बाद बहू के हत्यारे को मिली उम्रकैद की सजा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2022 11:21 PM IST
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After three years, daughter-in-law's killer gets life sentence
हल्द्वानी। बहू और पोता-पोती के साथ बरेली से हल्द्वानी में रहने आए एक व्यक्ति ने सितंबर 2019 में बहू की हत्या कर दी थी। इसके बाद बच्चों को लेकर फरार हो गया था। मकान मालिक की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। सत्र न्यायाधीश द्वितीय नीलम रात्रा की कोर्ट ने मंगलवार को अभियुक्त को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 70 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की 90 प्रतिशत राशि बच्चों को दी जाएगी।
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देवलचौड़ स्थित हरिपुर जमन सिंह निवासी गुरुचरन सिंह ने चार नवंबर 2019 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 10 सितंबर 2019 को यूपी के बरेली जिले के अलीगंज थाना स्थित गांव जोगीठेरा मंडेरा निवासी मदन लाल अपनी पुत्रवधू सीमा और पोता-पोती के साथ उनके घर किराए पर रहने पहुंचा था। इसके बाद 18 सितंबर 2019 को मदन लाल ने आसपास के लोगों में बहू के बिना बताए कहीं चले जाने की अफवाह उड़ाई और 19 सितंबर 2019 की सुबह बच्चों को लेकर खुद भी चला गया। दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक 27 सितंबर 2019 को गुरुचरन के घर से करीब 50-60 मीटर दूरी जंगल में एक महिला का शव मिला। इधर मदन लाल का कुछ भी अता-पता नहीं था। इसके बाद ही गुरुचरन सिंह ने सीमा की हत्या की आशंका जताते हुए मदन लाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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एडीजीसी गिरजा शंकर पांडे की ओर से 31 जनवरी 2020 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। उन्होंने नौ गवाह पेश किए। इसके बाद 19 जुलाई 2022 को कोर्ट ने मदन लाल को धारा 302 और 201 के तहत दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट के आदेशानुसार अपराधी जिस 70 हजार रुपये के आर्थिक दंड का भुगतान करेगा उसकी 90 प्रतिशत राशि मृतका सीमा के बच्चों को दी जाएगी।
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कंकाल बन चुका था शव, डीएनए टेस्ट से हुई पुष्टि
मामले की जानकारी देते हुए एडीजीसी गिरजा पांडे ने बताया कि कोर्ट में मदन लाल ने बताया था कि उसने चापड़ से सीमा पर हमला कर हत्या की थी और उसका शव जंगल में फेंक दिया था। जब पुलिस को शव मिला तब तक आधा शरीर कंकाल में तब्दील हो चुका था। बस शरीर पर पीले रंग का नायलॉन का कपड़ा बचा था। उसी से मकान मालिक ने सीमा के होने का अंदेशा जताया था। उसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने गांव में दादी के पास रह रहे सीमा के बेटे का डीएनए सैंपल लेकर टेस्ट कराया था। इसके बाद शव सीमा का होने की पुष्टि हुई थी।
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