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Nainital News: धरती के बाद अब आज देखिये अंतरिक्ष में आतिशबाजी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Jan 2023 08:30 AM IST
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After earth, now see fireworks in space today
After earth, now see fireworks in space today - फोटो : NAINITAL
नैनीताल। नए साल के स्वागत में स्थानीय समय के अनुसार पूरी दुनिया में आधी रात को आतिशबाजी का नजारा देखने को मिला। अब अगले दिन यानी सोमवार और मंगलवार रातभर अंतरिक्ष में आतिशबाजी देखने को मिलेगी। ये आतिशबाजी होगी क्वाड्रेनटिड्स उल्कापात के कारण जो पीक पर पहुंच रहा। इससे नए साल में आसमान चमक उठेगा।
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वैसे तो उल्कापात का सिलसिला 16 दिसंबर से शुरू हो गया था और 16 जनवरी तक चलेगा लेकिन नए साल के दूसरे और तीसरे दिन इसके चरम पर होने के कारण आसमान में अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। इन रातों में आकाश से हर घंटे 80 से भी ज्यादा उल्काओं की बारिश के आसार हैं। वैज्ञानिकों को तो यहां तक उम्मीद है कि परिस्थितियां सही होने पर लगभग 200 उल्काओं तक की बारिश हर घंटे हो सकती है। दो और तीन जनवरी को उल्कापात सारी रात नजर आएगा। तीन जनवरी आधी रात से सुबह तक ये अपने पीक पर रहेगी।
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भारत के लिए ये खगोलीय घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस उल्कापात का सबसे अच्छा नजारा उत्तरी गोलार्ध में दिखाई देगा। इस उल्कापात का नाम निष्क्रिय हो चुके नक्षत्र क्वाड्रान्स मुरलीस के नाम पर रखा गया है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ ने 1922 में नक्षत्रों की सूची से इस तारामंडल को हटा दिया था। उल्कापात का नाम पहले से तारामंडल क्वाड्रान्स मुरलीस के नाम पर रखा जा चुका था इसलिए इसका नाम नहीं बदला गया। क्वाड्रंटिड्स को आधुनिक तारामंडल बूट्स के नाम पर बूटिड्स भी कहा जाता है। क्वाड्रेनटिड्स उल्कापात क्षुद्रग्रह 2003 ईएच 1 से संबंधित है। संवाद
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क्षुद्रग्रह को सूर्य की परिक्रमा करने में लगभग 5.5 वर्ष लगते हैं। इसके मलबे से गुजरते हुए इसके कण पृथ्वी के वातावरण में लगभग 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से प्रवेश करते हैं और घर्षण से जल कर अग्निरेखा जैसे लगते हैं। आम भाषा में इन्हें टूटते तारे भी कहते हैं।
-डॉ. शशिभूषण पांडे, आर्यभट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान, एरीज नैनीताल
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