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Nainital News: गैंगस्टर के आरोपी की जमानत में कूटरचित दस्तावेज लगाने का आरोपी दोषमुक्त
Sun, 21 Sep 2025 02:51 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 21 Sep 2025 02:51 AM IST
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नैनीताल। न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज जूनियर डिविजन उर्वशी रावत की न्यायालय से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर गैंगस्टर के मामले में जेल जा चुके युवक की जमानत लेने के आरोपी बिजनौर निवासी महिपाल को दोषमुक्त करार दिया गया। आरोपी बीते आठ माह व 12 दिन से जेल में बंद है।
प्रकरण के मुताबिक विशेष न्यायालय गैंगस्टर की ओर से वनभूलपुरा हल्द्वानी से संबंधित एक प्रकरण में आरोपी तौफीक कुरैशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके आधार पर वह जेल में बंद था। छह मार्च 2020 को विशेष न्यायाधीश की न्यायालय से आरोपी तौफीक की जमानत अर्जी स्वीकार हो गई। जमानती ग्राम स्याऊ चांदपुर बाजपुर जिला बिजनौर निवासी महिपाल सिंह की ओर से तौफीक की जमानत ली गई। एक सितंबर 2020 को न्यायालय की ओर से हैसियत आख्या तलब की गई, जो संदिग्ध प्रतीत हुई। 16 सितंबर को न्यायालय ने चांदपुर के तहसीलदार को हैसियत आख्या भेजकर पूछा कि क्या आख्या उनकी ओर से न्यायालय भेजी गई। इसके बाद न्यायालय को इसके कूटरचित होने की जानकारी मिली। इसके बाद आरोपी के खिलाफ तल्लीताल थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
न्यायालय में हुई सुनवाई में महिपाल ने बताया कि तौफीक की जमानत के लिए उसने जावेद को जमीन के मूल दस्तावेज दिए थे, जो एक बार न्यायालय में लाए भी गए। बाद में जावेद ने मूल दस्तावेजों का क्या किया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। वह अनपढ़ है, उसने कोई कूटरचना कर छल नहीं किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया। संवाद
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प्रकरण के मुताबिक विशेष न्यायालय गैंगस्टर की ओर से वनभूलपुरा हल्द्वानी से संबंधित एक प्रकरण में आरोपी तौफीक कुरैशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके आधार पर वह जेल में बंद था। छह मार्च 2020 को विशेष न्यायाधीश की न्यायालय से आरोपी तौफीक की जमानत अर्जी स्वीकार हो गई। जमानती ग्राम स्याऊ चांदपुर बाजपुर जिला बिजनौर निवासी महिपाल सिंह की ओर से तौफीक की जमानत ली गई। एक सितंबर 2020 को न्यायालय की ओर से हैसियत आख्या तलब की गई, जो संदिग्ध प्रतीत हुई। 16 सितंबर को न्यायालय ने चांदपुर के तहसीलदार को हैसियत आख्या भेजकर पूछा कि क्या आख्या उनकी ओर से न्यायालय भेजी गई। इसके बाद न्यायालय को इसके कूटरचित होने की जानकारी मिली। इसके बाद आरोपी के खिलाफ तल्लीताल थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
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न्यायालय में हुई सुनवाई में महिपाल ने बताया कि तौफीक की जमानत के लिए उसने जावेद को जमीन के मूल दस्तावेज दिए थे, जो एक बार न्यायालय में लाए भी गए। बाद में जावेद ने मूल दस्तावेजों का क्या किया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। वह अनपढ़ है, उसने कोई कूटरचना कर छल नहीं किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया। संवाद
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