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ट्यूशन जा रहे भाई बहन को डंपर ने मारी टक्कर, 6 साल की बालिका की मौत।
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लालकुआं। घर से ट्यूशन जा रहे भाई-बहन को लिंक मार्ग पर एक डंपर ने टक्कर मार दी। दोनों बच्चों को सड़क पर तड़पते देख लोग उन्हें तत्काल एसटीएच ले गए। जहां इलाज के दौरान छह वर्षीय बहन ने दम तोड़ दिया।
सोमवार का दिन आईटीबीपी के जवान बिष्ट परिवार के लिए भारी रहा। सुबह साढ़े नौ बजे बिंदुखत्ता के राजीवनगर प्रथम निवासी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवान देवेंद्र सिंह बिष्ट की छह वर्षीय बेटी चाहत बिष्ट (रिंकी) अपने बड़े भाई 11 वर्षीय दिव्यांशु के साथ साइकिल से ट्यूशन पढ़ने जा रही थी। कार रोड से तेज गति से आ रहे डंपर ने लिंक मार्ग पर बच्चों को टक्कर मार दी। रिंकी और भाई दिव्यांशु साइकिल से गिर पड़े और अचेत हो गए। आसपास के लोग उन्हें एसटीएच ले गए। जहां इलाज के दौरान रिंकी ने दम तोड़ दिया, जबकि दिव्यांशु का इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक दिव्यांशु ठीक है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार और गांव के लोग सन रह गए। गांव वालों ने पुलिस प्रशासन से बेतरतीब चल रहे डंपर एवं ट्रकों पर लगाम लगाने की मांग की है। बच्चों के पिता देवेंद्र सिंह बिष्ट वर्तमान में आईटीबीपी अरुणाचल प्रदेश में सेवारत हैं। कुछ समय पहले उनकी तैनाती पिथौरागढ़ में थी। पिथौरागढ़ से अरुणाचल प्रदेश जाते समय देवेंद्र अपने परिवार को बिंदुखत्ता छोड़ गए और दोनों बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। रिंकी कक्षा एक में छात्रा थी। उनकी धर्मपत्नी अनीता बिष्ट लालकुआं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम के पद पर कार्यरत है।
इधर बिंदुखत्ता पुलिस चौकी प्रभारी मनोज चौधरी ने बताया कि डंपर को सीज कर दिया है। डंपर संख्या यूके 06 सीए-1732 का चालक मौका पाकर फरार हो गया। कहा कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने रिंकी का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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मां को अंतिम बार बॉय कर गई रिंकी
लालकुआं। दुर्घटना में असमय मौत का शिकार हुई रिंकी अपने मम्मी पापा की लाडली होने के साथ-साथ आसपास के लोगों की भी प्यारी थी। अक्सर घर से जाते समय उसका एक ही शब्द रहता था ओके बाय मम्मी सी यू अगेन और यह सिलसिला हमेशा चलता रहता था। नाश्ता करने के बाद रिंकी अपने भाई के साथ ट्यूशन पढ़ने जा रही थी तो मां ने दरवाजे पर आकर उनको विदा किया। रिंकी बोली ओके बाय मम्मी मां को लगा कि एक घंटे बाद बेटा बेटी घर आएंगे और वो रोज की तरह उनके लिए दिन का लंच तैयार करेगी। लंच तैयार भी था और बेटी बेटी के आने का इंतजार भी मगर कुछ ही समय बाद मनहूस खबर आ गई। जिसको सुनकर मां बेसुध हो गई। बेटी ने सोमवार को भी ओके बाय सी यू अगेन तो कहा लेकिन सी यू अगेन नहीं हो पाया।
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सोमवार का दिन आईटीबीपी के जवान बिष्ट परिवार के लिए भारी रहा। सुबह साढ़े नौ बजे बिंदुखत्ता के राजीवनगर प्रथम निवासी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवान देवेंद्र सिंह बिष्ट की छह वर्षीय बेटी चाहत बिष्ट (रिंकी) अपने बड़े भाई 11 वर्षीय दिव्यांशु के साथ साइकिल से ट्यूशन पढ़ने जा रही थी। कार रोड से तेज गति से आ रहे डंपर ने लिंक मार्ग पर बच्चों को टक्कर मार दी। रिंकी और भाई दिव्यांशु साइकिल से गिर पड़े और अचेत हो गए। आसपास के लोग उन्हें एसटीएच ले गए। जहां इलाज के दौरान रिंकी ने दम तोड़ दिया, जबकि दिव्यांशु का इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक दिव्यांशु ठीक है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार और गांव के लोग सन रह गए। गांव वालों ने पुलिस प्रशासन से बेतरतीब चल रहे डंपर एवं ट्रकों पर लगाम लगाने की मांग की है। बच्चों के पिता देवेंद्र सिंह बिष्ट वर्तमान में आईटीबीपी अरुणाचल प्रदेश में सेवारत हैं। कुछ समय पहले उनकी तैनाती पिथौरागढ़ में थी। पिथौरागढ़ से अरुणाचल प्रदेश जाते समय देवेंद्र अपने परिवार को बिंदुखत्ता छोड़ गए और दोनों बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। रिंकी कक्षा एक में छात्रा थी। उनकी धर्मपत्नी अनीता बिष्ट लालकुआं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम के पद पर कार्यरत है।
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इधर बिंदुखत्ता पुलिस चौकी प्रभारी मनोज चौधरी ने बताया कि डंपर को सीज कर दिया है। डंपर संख्या यूके 06 सीए-1732 का चालक मौका पाकर फरार हो गया। कहा कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने रिंकी का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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मां को अंतिम बार बॉय कर गई रिंकी
लालकुआं। दुर्घटना में असमय मौत का शिकार हुई रिंकी अपने मम्मी पापा की लाडली होने के साथ-साथ आसपास के लोगों की भी प्यारी थी। अक्सर घर से जाते समय उसका एक ही शब्द रहता था ओके बाय मम्मी सी यू अगेन और यह सिलसिला हमेशा चलता रहता था। नाश्ता करने के बाद रिंकी अपने भाई के साथ ट्यूशन पढ़ने जा रही थी तो मां ने दरवाजे पर आकर उनको विदा किया। रिंकी बोली ओके बाय मम्मी मां को लगा कि एक घंटे बाद बेटा बेटी घर आएंगे और वो रोज की तरह उनके लिए दिन का लंच तैयार करेगी। लंच तैयार भी था और बेटी बेटी के आने का इंतजार भी मगर कुछ ही समय बाद मनहूस खबर आ गई। जिसको सुनकर मां बेसुध हो गई। बेटी ने सोमवार को भी ओके बाय सी यू अगेन तो कहा लेकिन सी यू अगेन नहीं हो पाया।