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मनुष्य के कल्याण को अवतरित होते हैं संत
Nainital
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:34 AM IST
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हल्द्वानी। समन्वय सेवा कुंज के 24 वें वार्षिकोत्सव पर प्रवचन करते हुए आचार्य भुवन चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि संत पुरुष मनुष्य के कल्याण के लिए धरा पर अवतरण करते हैं। उनके आदर्श कार्यों को जीवन में उतारने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और उसका जीवन धन्य हो जाता है। वार्षिकोत्सव चार दिन तक चलेगा।
गोलज्यू म्यूजिकल एंड जागरण पार्टी डहरिया के भजनों का श्रोताओं ने खूब लुत्फ उठाया। स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज के शिष्य जबलपुर से आए महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद महाराज ने कहा कि संतों के सत्संग से मनुष्य का जीवन सफल हो जाता है। उन्होंने रामचरित मानस की कथा, सीता के रूप में पार्वती द्वारा श्री राम की परीक्षा, दक्ष प्रजापति के यज्ञ में सती का भष्म होना आदि प्रसंगों से महापुरुषों के जीवन पर प्रकाश डाला और उनसे सीख लेने की सलाह दी। इससे पूर्व भगवान दास, दुर्गादत्त, ललित पाठक ने संतों और गणमान्य लोगों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। आरती में मिथिलेश कुमार, मुरली वाले महाराज, हरिदत्त शास्त्री समन्वय सेवा परिवार के सचिव महेंद्र सिंह बिष्ट, टीएस खाती, लीलाधर जोशी, हजारी लाल, डीडी तिवारी, सूरज मल आदि ने भाग लिया।
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गोलज्यू म्यूजिकल एंड जागरण पार्टी डहरिया के भजनों का श्रोताओं ने खूब लुत्फ उठाया। स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज के शिष्य जबलपुर से आए महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद महाराज ने कहा कि संतों के सत्संग से मनुष्य का जीवन सफल हो जाता है। उन्होंने रामचरित मानस की कथा, सीता के रूप में पार्वती द्वारा श्री राम की परीक्षा, दक्ष प्रजापति के यज्ञ में सती का भष्म होना आदि प्रसंगों से महापुरुषों के जीवन पर प्रकाश डाला और उनसे सीख लेने की सलाह दी। इससे पूर्व भगवान दास, दुर्गादत्त, ललित पाठक ने संतों और गणमान्य लोगों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। आरती में मिथिलेश कुमार, मुरली वाले महाराज, हरिदत्त शास्त्री समन्वय सेवा परिवार के सचिव महेंद्र सिंह बिष्ट, टीएस खाती, लीलाधर जोशी, हजारी लाल, डीडी तिवारी, सूरज मल आदि ने भाग लिया।
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