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डाक्टर और तीमारदार भिड़े
Nainital
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में बच्चे की रिपोर्ट को लेेकर डाक्टर और तीमारदार में जमकर कहासुनी हुई। अस्पताल में हंगामा होने पर सीनियर डाक्टर भी पहुंच गए। डाक्टरों ने मामले की शिकायत प्राचार्य से की है। प्राचार्य ने तीमारदार के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
सुशीला तिवारी अस्पताल में कार के एक शोरूम में काम करने वाले राधे के भाई की पत्नी की छह दिन पहले डिलीवरी हुई थी। महिला को बृहस्पतिवार की दोपहर डिस्चार्ज कर दिया गया था। बच्चे को पीलिया होने के कारण पहले पीडियाट्रिक्स इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में रखा गया। उसके बाद नैटल इंटेसिंव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में शिफ्ट कर दिया। राधे का आरोप है कि डाक्टर विकास ने डिस्चार्ज करने के दौरान काफी देर तक अस्पताल के चक्कर कटवाए। कभी डिस्चार्ज स्लिप बनवाने के नाम पर तो कभी बिल भुगतान को लेकर। डाक्टर से जब पूछा गया कि बच्चे की ब्लड सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई तो उसने अभद्रता की और गालीगलौज की। राधे ने कहा कि बच्चे की रिपोर्ट नहीं मिलेगी तुम्हें जो करना हो कर लो। डाक्टर ने जानबूझकर अपना हाथ शीशे पर मार लिया, जिससे हाथ में चोट लग गई। सीनियर डाक्टरों ने आकर डॉ. विकास को समझाया।
वहीं, डॉ. विकास का कहना है कि बच्चे को एनआईसीयू में शिफ्ट कर दिया था। ब्लड सैंपल की रिपोर्ट को लेकर राधे और उसके एक साथी ने अभद्रता की। समझाने पर उन्होंने धक्का-मुक्की करने के साथ हाथापाई की। मामले की सूचना प्राचार्य डॉ. आरसी पुरोहित को दी गई है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. पुरोहित ने कहा कि डाक्टर के साथ मारपीट की गई है। राधे और उसके साथी के खिलाफ मेडिकल कालेज चौकी में तहरीर दी गई है।
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कोट
मेडिकल कालेज के प्राचार्य की ओर से तहरीर दी गई है। डाक्टरों ने अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
-गोविंद सिंह अधिकारी, चौकी इंचार्ज, मेडिकल कालेज
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सुशीला तिवारी अस्पताल में कार के एक शोरूम में काम करने वाले राधे के भाई की पत्नी की छह दिन पहले डिलीवरी हुई थी। महिला को बृहस्पतिवार की दोपहर डिस्चार्ज कर दिया गया था। बच्चे को पीलिया होने के कारण पहले पीडियाट्रिक्स इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में रखा गया। उसके बाद नैटल इंटेसिंव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में शिफ्ट कर दिया। राधे का आरोप है कि डाक्टर विकास ने डिस्चार्ज करने के दौरान काफी देर तक अस्पताल के चक्कर कटवाए। कभी डिस्चार्ज स्लिप बनवाने के नाम पर तो कभी बिल भुगतान को लेकर। डाक्टर से जब पूछा गया कि बच्चे की ब्लड सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई तो उसने अभद्रता की और गालीगलौज की। राधे ने कहा कि बच्चे की रिपोर्ट नहीं मिलेगी तुम्हें जो करना हो कर लो। डाक्टर ने जानबूझकर अपना हाथ शीशे पर मार लिया, जिससे हाथ में चोट लग गई। सीनियर डाक्टरों ने आकर डॉ. विकास को समझाया।
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वहीं, डॉ. विकास का कहना है कि बच्चे को एनआईसीयू में शिफ्ट कर दिया था। ब्लड सैंपल की रिपोर्ट को लेकर राधे और उसके एक साथी ने अभद्रता की। समझाने पर उन्होंने धक्का-मुक्की करने के साथ हाथापाई की। मामले की सूचना प्राचार्य डॉ. आरसी पुरोहित को दी गई है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. पुरोहित ने कहा कि डाक्टर के साथ मारपीट की गई है। राधे और उसके साथी के खिलाफ मेडिकल कालेज चौकी में तहरीर दी गई है।
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मेडिकल कालेज के प्राचार्य की ओर से तहरीर दी गई है। डाक्टरों ने अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
-गोविंद सिंह अधिकारी, चौकी इंचार्ज, मेडिकल कालेज