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मिनिस्टीरियल कर्मियों की वेतन विसंगति दूर करे सरकार
Nainital
Updated Fri, 19 Sep 2014 05:33 AM IST
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नैनीताल। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक में मिनिस्टीरियल कर्मियों की वेतन विसंगति दूर किए जाने की मांग उठाई। इसके अलावा कनिष्ठ सहायक का ग्रेड वेतन 2800 किए जाने की मांग की। बैठक में अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई। परिषद की संघ भवन में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मिनिस्टीरियल संवर्ग के कर्मचारी के पास काम की अधिकता है। इसके बाद भी कम वेतनमान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कनिष्ठ सहायक, वरिष्ठ सहायक, प्रधान सहायक, प्रशासनिक अधिकारी व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के ग्रेड वेतन में वृद्धि किया जाना जरूरी है। उन्होंने तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों को समाप्त करते हुए आउट सोर्सिंग से नियुक्ति किए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कई विभागों में लंबे समय से तृतीय व चतुर्थ श्रेेणी के पद रिक्त हैं लेकिन सरकार इन पदों को भरने के बजाए आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्तियां कर रही है जो सरासर अनुचित है। बैठक में कुमाऊं विवि के तकनीकी कर्मचारियों के वेतन विसंगति के प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं होने पर रोष जताया गया। बैठक में कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ की ओर से तीन सूत्रीय मांगों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया गया। परिषद के जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह बिष्ट की अध्यक्षता और महामंत्री जगमोहन सिंह रौतेला को संचालन में हुई बैठक में नरेंद्र सिंह रजवार, भूपाल सिंह करायत, आनंद सिंह रावत, कुंवर सिंह जलाल, नंदन सिंह करायत, उमेश सनवाल, कमल जोशी, पूरन सिंह बिष्ट, संजय कनवाल, दिनेश जोशी, रणजीत सिंह थापा, पूरन सिंह रावत, असलम अली, गिरीश जोशी, सुरेश पंत, सुरेश जोशी, नंदा बल्लभ पालीवाल आदि थे।
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