फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   जन्म के तुरंत बाद नवजात बेटी को गधेरे में छोड़ा

जन्म के तुरंत बाद नवजात बेटी को गधेरे में छोड़ा

Mon, 29 Oct 2012 12:00 PM IST
Nainital
Nainital Updated Mon, 29 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
भीमताल/बेतालघाट। क्या कोई मां अपने कलेजे के टुकड़े को जीते जी गधेरे में फेंक सकती है? क्या मां की ममता इतनी निष्ठुर और निर्दयी भी हो सकती है, कि बेटी को जन्म देने के तुरंत बाद ही वह उसे जीते जी किसी गधेरे में चील कव्वों का निवाला बनने के लिए फेंक आए? पढ़ने और सुनने में भले ही यह अटपटा लगे लेकिन रविवार को बेतालघाट ब्लाक के बिनकोट गांव के पास के गधेरे में यह सब देखने को मिला। एक नवजात बच्ची गधेरे में न जाने कब से अपनी किस्मत पर रो रही थी। भला हो घास काटने वाली उन महिलाओं को जिन्होंने उस बच्ची के रोने की आवाज सुन ली। प्राथमिक इलाज के बाद बच्ची को आपातकालीन वाहन 108 से हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक रविवार की दुपहर डेढ़ बजे के करीब बिनकोट गांव में स्थित आम के गधेरे में कुछ महिलाएं घास काटने गई हुई थी तभी उन्हें गधेरे से किसी बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। पहले तो महिलाओं को यकीन नहीं हुआ लेकिन जब रोने की आवाज लगातार आने लगी तो महिलाएं आगे बढ़ी। झाड़ियों के बीच एक नवजात बच्ची को पड़ा देख महिलाओं के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन फानन में इसकी सूचना ग्राम प्रधान दीवानी राम और ग्राम प्रहरी ईश्वरी दत्त को दी गई। ईश्वरी दत्त ने पुलिस तक सूचना पहुंची। आपातकालीन वाहन 108 को लेकर मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को अपने कब्जे में ले लिया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां डा.एसके शर्मा ने बच्ची का प्राथमिक इलाज किया।
विज्ञापन

डा. शर्मा के मुताबिक जन्म के घंटे भर बाद ही नवजात को जंगल में फेंक दिया होगा। उन्होंने बताया कि नवजात को सांस लेने में तकलीफ हो रही है और उसके सिर में चोट का भी निशान है। इसके अलावा शरीर में कई जगह खरोंच के भी निशान हैं। उन्होंने बताया कि बच्ची को हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है। जिस गधेरे में नवजात बच्ची मिली है उससे एक किलोमीटर की दूरी पर आबादी है। गधेरे में नवजात बच्ची मिलने के बाद से समूचे क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है। नवजात को बेटी होने का दंश झेलना पड़ा है या फिर उसे किसी ने लोकलाज के भय के कारण गधेरे में मरने के लिए छोड़ दिया यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है। समूचे क्षेत्र में मामला चर्चाओं में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed