फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   945 police personnel are bearing the punishment for the actions of 11 personnel.

Nainital News: 11 कर्मियों की सजा 945 पुलिसकर्मी भुगत रहे

Fri, 05 Jun 2026 01:04 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Fri, 05 Jun 2026 01:04 AM IST
विज्ञापन
945 police personnel are bearing the punishment for the actions of 11 personnel.
नैनीताल। विभागीय चकू ने अपने पुलिसकर्मियों को ही खून के आंसू रोने पर मजबूर कर दिया है। 11 पुलिसकर्मियों के संबंध में आईजी का आदेश ट्रेजरी स्तर पर इस कदर उलझ गया कि पूरे जिले के पुलिसकर्मियों का सैलरी बिल रोक दिया गया। महज 11 कर्मियों के चक्कर में पुलिस महकमे के 945 बेकसूर जवान वेतन के लिए तरस रहे हैं।
विज्ञापन

पुलिसकर्मियों का वेतन हर माह के अंत तक जारी हो जाता है लेकिन इस बार वेतन भुगतान की प्रक्रिया विभागीय आदेशों और प्रशासनिक उलझनों में फंस गई है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2024 में स्थानांतरित होने के बावजूद दूसरे जिलों में कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले 11 कर्मियों के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश आईजी की ओर से दिए गए थे। इसके बाद मामला ऐसा उलझा कि ट्रेजरी स्तर पर पूरे वेतन बिल पर ही रोक लग गई और इसका खामियाजा जिले के सभी पुलिसकर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। विभागीय समन्वय की कमी और अधिकारियों के बीच तालमेल के अभाव की कीमत पूरे जिले की पुलिस फोर्स को चुकानी पड़ रही है। जवानों का कहना है कि एक ओर उनसे 24 घंटे ड्यूटी की अपेक्षा की जाती है वहीं दूसरी ओर वेतन तक समय पर नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन


एसएसपी ने जबरन वेतन रोकने का लगाया आरोप

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मुख्य कोषाधिकारी (ट्रेजरी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कि ट्रेजरी ने नियमों के विपरीत जाकर पुलिसकर्मियों का वेतन रोका है। एसएसपी का कहना है कि उनके कार्यालय से पूर्व की भांति सभी पुलिसकर्मियों का वेतन बिल तैयार कर समय पर ट्रेजरी भेज दिया गया था लेकिन आईजी कुमाऊं के एक आदेश का हवाला देते हुए मुख्य कोषाधिकारी ने पूरे वेतन बिल पर ही रोक लगा दी। इससे जिले के 945 पुलिसकर्मी वेतन से वंचित हो गए हैं। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि जिला स्तर पर वह ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (डीडीओ) हैं और वित्तीय नियमावली के अनुसार डीडीओ की ओर से तैयार किए वेतन बिल को रोकने का अधिकार ट्रेजरी या किसी अन्य अधिकारी को नहीं है। उन्होंने बताया कि वेतन जारी कराने के लिए ट्रेजरी को दो बार पत्राचार भी किया जा चुका है लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है। वेतन नहीं मिलने से कई पुलिसकर्मियों के सामने बैंक ऋण की किश्त, बच्चों की स्कूल फीस, समेत अन्य संकट खड़ा हो गया है। एसएसपी का तर्क है कि यदि ट्रेजरी को केवल 11 विवादित कर्मियों के वेतन पर आपत्ति थी तो बाकी सभी कर्मचारियों का वेतन जारी कर संबंधित कर्मियों के खिलाफ रिकवरी वाउचर की कार्रवाई की जा सकती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन






- कुमाऊं आईजी की ओर से 11 पुलिसकर्मियों का वेतन रोकने का आदेश प्राप्त हुआ था। इस कारण 945 कर्मियों के पूरे हेड को रोका गया था। ट्रेजरी को मिले बिल के एक हेड से कुछ पुलिस कर्मियों का वेतन अलग कर नहीं रोका जा सकता है। आईजी से 11 कर्मियों के बिल अलग कर शेष बचे कर्मियों के वेतन के बिल मांगे हैं। इस पत्र की एक कॉपी एसएसपी को भी की गई है।


- कमलेश भंडारी, मुख्य कोषाधिकारी, नैनीताल



- जिले में 11 कर्मचारियों का स्थानांतरण 2024 में हो चुका है। मार्च में उनके कार्यालय से कर्मियों की तिथि निर्धारित करने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर से 28 मई की तिथि निर्धारित की गई थी। इसके बाद भी कर्मियों को जिले से रिलीव नहीं किया जा रहा है। इस कारण से ट्रेजरी को संबंधित 11 कर्मियों को उनके स्थानांतरित स्थल में तैनाती के बाद ही वेतन जारी करने के निर्देश दिए गए थे।

-रिद्धिम अग्रवाल, आईजी कुमाऊं
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed