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आईएमपीसीएल मामले में हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2019 01:59 AM IST
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आईएमपीसीएल मामले में हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
court order - फोटो : amar ujala
नैनीताल। हाईकोर्ट ने इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) कर्मचारी संघ रामनगर की याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्र सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायमूर्ति आलोक सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। आईएमपीसीएल कर्मचारी संघ रामनगर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि रामनगर के पास अल्मोड़ा जिले के ग्राम मोहान में स्थित केंद्रीय आयुष मंत्रालय की दवा कंपनी लगातार मुनाफा कमा रही है। इस कारण केंद्र सरकार ने इसे मिनी रत्न औद्योगिक इकाई का दर्जा दिया है। भारत सरकार के पास कुछ ही कंपनियां ऐसी हैं जो सरकार को इतना अधिक शुद्ध लाभ देती हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार इस कंपनी को निजी हाथों में देने जा रही है जो फैक्ट्री नियमावली के विपरीत है। कर्मचारी संघ ने अपनी याचिका में यह कहा कि इस कंपनी को शिखर तक ले जाने में उनका संपूर्ण जीवन व्यतीत हो चुका है और वे अब रिटायरमेंट की स्थिति में हैं। इस हाल में इसे निजी हाथों में देना गलत है। संघ ने अपनी याचिका में यह भी कहा कि केंद्र सरकार घाटे में चलने वाली एयर इंडिया को निजी हाथों में तो नहीं दे रही है लेकिन सौ प्रतिशत शुद्ध लाभ देने वाली कंपनी को निजी हाथों में देने जा रही है जोकि नियम विरुद्ध है। इसलिए इस पर रोक लगाई जाए। संबंधित पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने केंद्र सरकार से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा।
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आईएमपीसीएल के निजीकरण पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा
कर्मचारी संघ की याचिका पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
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