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दोष
Updated Mon, 12 Nov 2018 11:21 PM IST
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नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म में ताऊ दोषी
अल्मोड़ा। विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म के एक मामले में उसके ताऊ को धारा 376(2), 201 और 5/6 पॉक्सो एक्ट में दोषी पाया है। न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाने के लिए 20 नवंबर की तिथि तय की है।
पीड़िता के माता-पिता की मौत जब वह छोटी थी, तभी हो गई थी। वह अपने ताऊ के संरक्षण में रहती थी। ताऊ 16 वर्षीय नाबालिग भतीजी का एक वर्ष तक दुष्कर्म करता रहा, जिससे वह गर्भवती हो गई। उसका गर्भपात भी हो गया था। ताऊ ने भ्रूण को कहीं फेंक दिया था। पीड़िता ने 18 जुलाई 2018 को चाची और 20 जलाई 2018 को अपने भाई को इसकी सूचना दी। इसके बाद पीड़िता के भाई ने प्राथमिकी दर्ज कराई।
विवेचनाधिकारी ने जांच पूरी करके आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा के न्यायालय में हुआ। अभियोजन की ओर से 10 गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए गए। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैल्वाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने प्रभावी पैरवी की। जिसमें निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग दिया।
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अल्मोड़ा। विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म के एक मामले में उसके ताऊ को धारा 376(2), 201 और 5/6 पॉक्सो एक्ट में दोषी पाया है। न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाने के लिए 20 नवंबर की तिथि तय की है।
पीड़िता के माता-पिता की मौत जब वह छोटी थी, तभी हो गई थी। वह अपने ताऊ के संरक्षण में रहती थी। ताऊ 16 वर्षीय नाबालिग भतीजी का एक वर्ष तक दुष्कर्म करता रहा, जिससे वह गर्भवती हो गई। उसका गर्भपात भी हो गया था। ताऊ ने भ्रूण को कहीं फेंक दिया था। पीड़िता ने 18 जुलाई 2018 को चाची और 20 जलाई 2018 को अपने भाई को इसकी सूचना दी। इसके बाद पीड़िता के भाई ने प्राथमिकी दर्ज कराई।
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विवेचनाधिकारी ने जांच पूरी करके आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा के न्यायालय में हुआ। अभियोजन की ओर से 10 गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए गए। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैल्वाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने प्रभावी पैरवी की। जिसमें निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग दिया।
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