{"_id":"5bde0a46bdec22694a53ca7e","slug":"91541278278-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीपावली से पहले बिक गये 50 लाख के दीये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीपावली से पहले बिक गये 50 लाख के दीये
Updated Sun, 04 Nov 2018 02:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। दीपावली के लिए माटी के दीयों, मोमबत्ती, इलेक्ट्रॉनिक झालरों के बाजार सज गए हैं। इस बार बाजार में दीयों की जबरदस्त मांग है। इनमें सबसे ज्यादा कोलकाता के दीये पसंद किये जा रहे हैं। दीपावली से पहले ही 50 लाख के दीये बिक चुके हैं।
हल्द्वानी में सदर बाजार, होली मैदान, बरेली रोड में दीये की दुकानें हैं। हल्द्वानी में बनारस, आगरा, कोलकाता आदि शहरों से दीये, मूर्तियां, मुखौटे आदि आते हैं। यही से नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ को दीयों की आपूर्ति की जाती है। इनमें नक्काशीदार, रंग बिरंगे ऐपण बने छोटे-बड़े, डिजाइनर दीये पसंद बने हैं। दो से 80 रुपये तक के इन दीयों का कारोबार बढ़ गया है। विशेषज्ञों की माने तो कोलकाता में काली मिट्टी होती है, इस मिट्टी को पकाने के बाद दीये कम तेल सोखते हैं। सदर बाजार के छोटू मूर्ति कला केंद्र के संचालक जीवन ने बताया कि पहाड़ तक कोलकाता के दीये आपूर्ति किये जा रहे हैं।
- ‘मैजिक दीया’ बना आकर्षण का केंद्र
दीपावली पर मैजिक दीया लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है। इस दीये की खूबी ये है कि इसमें ऊपर और नीचे तले पर एक-एक छेद है। नीचे के छेद से सरसों का तेल, घी आदि डालते हैं और ऊपर के छेद से बाती। इसमें नीचे के छेद से तेल, घी आदि नहीं गिरता है। बाती की लौ जलती रहती है। इसकी कीमत 80 रुपये है।
विज्ञापन
- झोपड़ी, लालटेन, मंदिर दीया की भी है मांग
दीपावली पर झोपड़ी, लालटेन, मंदिर के आकार वाले दीये की भी मांग है। झोपड़ी आदि की तरह बने ये दीये बेहद खूबसूरत लग रहे हैं। इनकी कीमत 80 से 250 रुपये तक है।
विज्ञापन
हल्द्वानी में सदर बाजार, होली मैदान, बरेली रोड में दीये की दुकानें हैं। हल्द्वानी में बनारस, आगरा, कोलकाता आदि शहरों से दीये, मूर्तियां, मुखौटे आदि आते हैं। यही से नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ को दीयों की आपूर्ति की जाती है। इनमें नक्काशीदार, रंग बिरंगे ऐपण बने छोटे-बड़े, डिजाइनर दीये पसंद बने हैं। दो से 80 रुपये तक के इन दीयों का कारोबार बढ़ गया है। विशेषज्ञों की माने तो कोलकाता में काली मिट्टी होती है, इस मिट्टी को पकाने के बाद दीये कम तेल सोखते हैं। सदर बाजार के छोटू मूर्ति कला केंद्र के संचालक जीवन ने बताया कि पहाड़ तक कोलकाता के दीये आपूर्ति किये जा रहे हैं।
विज्ञापन
- ‘मैजिक दीया’ बना आकर्षण का केंद्र
दीपावली पर मैजिक दीया लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है। इस दीये की खूबी ये है कि इसमें ऊपर और नीचे तले पर एक-एक छेद है। नीचे के छेद से सरसों का तेल, घी आदि डालते हैं और ऊपर के छेद से बाती। इसमें नीचे के छेद से तेल, घी आदि नहीं गिरता है। बाती की लौ जलती रहती है। इसकी कीमत 80 रुपये है।
विज्ञापन
- झोपड़ी, लालटेन, मंदिर दीया की भी है मांग
दीपावली पर झोपड़ी, लालटेन, मंदिर के आकार वाले दीये की भी मांग है। झोपड़ी आदि की तरह बने ये दीये बेहद खूबसूरत लग रहे हैं। इनकी कीमत 80 से 250 रुपये तक है।