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कुमाऊं के जेलों की सुरक्षा राम भरोसे
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:04 AM IST
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हल्द्वानी। बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या में जिस सुनील राठी का नाम सामने आ रहा है उसके गैंग के सदस्य सहदेव ठाकुर ने पिछले साल हल्द्वानी में गोली चलाकर दहशत फैलाई थी। सिगरेट के पैसे मांगने पर रोडवेज के पास पान विक्रेता पर फायरिंग की थी। पेट्रोल पंप के सामने भी फायरिंग कर दहशत फैलाने का प्रयास किया। कोतवाली पुलिस ने राठी गैंग के सदस्य सहदेव ठाकुर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार एक अक्तूबर 2017 की रात तथाकथित कांग्रेस नेता संजय सोनकर के साथ राठी गैंग का शूटर सहदेव ठाकुर नैनीताल से कार द्वारा लौट रहा था। रोडवेज के पास पान विक्रेता मेहताब से उन्होंने सिगरेट ली थी और सौ रुपये मांगने पर कांग्रेस नेता ने गोली चला दी। गोली दुकान के शीशे को तोड़ती हुई अंदर चली गई। एसओजी प्रभारी दिनेश पंत, कोतवाल केआर पांडे सहित शहर की पुलिस ने गांधीनगर निवासी कांग्रेस नेता संजय सोनकर, कार चालक बिठौरिया नंबर एक निवासी कुणाल बिष्ट, राठी गैंग के शूटर सहदेव ठाकुर को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। सहदेव मेरठ जिले के सिसौर ली मुठाली का रहने वाला है। उसके खिलाफ रुड़की के डिप्टी जेलर खंपा की 2011 में हत्या का आरोप था। तीनों नैनीताल जेल में बंद कवयित्री मधुमिता के हत्यारे गोरखपुर निवासी संतोष राय से मिलने गए थे।
कुमाऊं में जेलों की सुरक्षा राम भरोसे
हल्द्वानी। कुमाऊं की किसी जेल में सुरक्षा के लिए जरूरी सीसीटीवी और जैमर नहीं लगा है। जेल अधिकारी भी जान हथेली पर रखकर सुरक्षा कर रहे हैं। बागपत जेल में हुई घटना को लेकर जेल अधिकारी और कर्मचारी काफी चिंतित है। जेल अधिकारी भी मानते हैं कि जेलों की सुरक्षा के लिए कोई नीति नहीं बनी है।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार हल्द्वानी उपकारागार में सीसीटीवी के साथ 60 कैमरे लगाने के लिए आईजी जेल के निर्देश पर टीम ने स्थानों को चिन्हित किया था। सितारगंज जेल में स्थान चिन्हित किए गए। पिथौरागढ़ में 2006 से जेल की दीवार बनी है। चंपावत जिले में भी दीवार बनी है लेकिन बागेश्वर में जेल के लिए अभी वन विभाग से जमीन हस्तानांतरित नहीं है। हल्द्वानी में क्षमता से कई गुना अधिक आठ सौ बंदी मौजूद हैं। नैनीताल में सौ से भी कम बंदी है। अल्मोड़ा में करीब दो सौ बंदी हैं लेकिन सुरक्षा के लिए प्रत्येक जेल में सिर्फ 40-40 बंदीरक्षक मौजूद हैं। जेलों की सुरक्षा के लिए पुरानी व्यवस्था के तहत 303 बोर की तीन तीन राइफल प्रदान की गई हैं। जेल अधिकारियों की सुरक्षा के लिए कोई प्राइवेट असलहा मौजूद नहीं है। जेल की निगरानी रखने के लिए कई बार सीसीटीवी के प्रस्ताव भेजे गए लेकिन सीसीटीवी और जैमर नहीं लगाए गए। जेल अधीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि जैसे तैसे बंदियों को नियंत्रित किया जा जाता है।
दिसंबर तक लगेगी सीसीटीवी
आईजी जेल डॉ. पीवीके प्रसाद का कहना है कि सीसीटीवी लगाने के लिए प्रयास जारी है। संभावना है कि दिसंबर 18 तक जेलों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगायी जाएगी।
बजरंगी की हत्या के बाद करायी गई जेलों में चेकिंग
यूपी के बागपत जेल में प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद आईजी जेल डॉ. पीवीके प्रसाद ने सुनील राठी गैंग पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। इसी आदेश के हल्द्वानी जेल में वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या ने बैरकों के बंदियों के अलावा मुलाकातियों की चेकिंग कराई। इसके बाद अधीनस्थों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक के अधीन नैनीताल की जेल भी है।
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पुलिस के अनुसार एक अक्तूबर 2017 की रात तथाकथित कांग्रेस नेता संजय सोनकर के साथ राठी गैंग का शूटर सहदेव ठाकुर नैनीताल से कार द्वारा लौट रहा था। रोडवेज के पास पान विक्रेता मेहताब से उन्होंने सिगरेट ली थी और सौ रुपये मांगने पर कांग्रेस नेता ने गोली चला दी। गोली दुकान के शीशे को तोड़ती हुई अंदर चली गई। एसओजी प्रभारी दिनेश पंत, कोतवाल केआर पांडे सहित शहर की पुलिस ने गांधीनगर निवासी कांग्रेस नेता संजय सोनकर, कार चालक बिठौरिया नंबर एक निवासी कुणाल बिष्ट, राठी गैंग के शूटर सहदेव ठाकुर को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। सहदेव मेरठ जिले के सिसौर ली मुठाली का रहने वाला है। उसके खिलाफ रुड़की के डिप्टी जेलर खंपा की 2011 में हत्या का आरोप था। तीनों नैनीताल जेल में बंद कवयित्री मधुमिता के हत्यारे गोरखपुर निवासी संतोष राय से मिलने गए थे।
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कुमाऊं में जेलों की सुरक्षा राम भरोसे
हल्द्वानी। कुमाऊं की किसी जेल में सुरक्षा के लिए जरूरी सीसीटीवी और जैमर नहीं लगा है। जेल अधिकारी भी जान हथेली पर रखकर सुरक्षा कर रहे हैं। बागपत जेल में हुई घटना को लेकर जेल अधिकारी और कर्मचारी काफी चिंतित है। जेल अधिकारी भी मानते हैं कि जेलों की सुरक्षा के लिए कोई नीति नहीं बनी है।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार हल्द्वानी उपकारागार में सीसीटीवी के साथ 60 कैमरे लगाने के लिए आईजी जेल के निर्देश पर टीम ने स्थानों को चिन्हित किया था। सितारगंज जेल में स्थान चिन्हित किए गए। पिथौरागढ़ में 2006 से जेल की दीवार बनी है। चंपावत जिले में भी दीवार बनी है लेकिन बागेश्वर में जेल के लिए अभी वन विभाग से जमीन हस्तानांतरित नहीं है। हल्द्वानी में क्षमता से कई गुना अधिक आठ सौ बंदी मौजूद हैं। नैनीताल में सौ से भी कम बंदी है। अल्मोड़ा में करीब दो सौ बंदी हैं लेकिन सुरक्षा के लिए प्रत्येक जेल में सिर्फ 40-40 बंदीरक्षक मौजूद हैं। जेलों की सुरक्षा के लिए पुरानी व्यवस्था के तहत 303 बोर की तीन तीन राइफल प्रदान की गई हैं। जेल अधिकारियों की सुरक्षा के लिए कोई प्राइवेट असलहा मौजूद नहीं है। जेल की निगरानी रखने के लिए कई बार सीसीटीवी के प्रस्ताव भेजे गए लेकिन सीसीटीवी और जैमर नहीं लगाए गए। जेल अधीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि जैसे तैसे बंदियों को नियंत्रित किया जा जाता है।
दिसंबर तक लगेगी सीसीटीवी
आईजी जेल डॉ. पीवीके प्रसाद का कहना है कि सीसीटीवी लगाने के लिए प्रयास जारी है। संभावना है कि दिसंबर 18 तक जेलों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगायी जाएगी।
बजरंगी की हत्या के बाद करायी गई जेलों में चेकिंग
यूपी के बागपत जेल में प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद आईजी जेल डॉ. पीवीके प्रसाद ने सुनील राठी गैंग पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। इसी आदेश के हल्द्वानी जेल में वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या ने बैरकों के बंदियों के अलावा मुलाकातियों की चेकिंग कराई। इसके बाद अधीनस्थों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक के अधीन नैनीताल की जेल भी है।