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कुमाऊं के 460 बसों का बेड़ा, सीसीटीवी केवल 16 में

Thu, 28 Jun 2018 01:55 AM IST
Updated Thu, 28 Jun 2018 01:55 AM IST
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कुमाऊं के 460 बसों का बेड़ा, सीसीटीवी केवल 16 में
डीटीसी बस
हल्द्वानी। रोडवेज की दो सौ बसों का बेड़ा हटेगा। यह बसें छह साल से पुरानी होने के साथ छोटे-छोटे रूटों पर संचालित हो रही है। परिवहन निगम प्रबंधन इनकी जगह नई बसों का बेड़ा शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजेगा।
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हाईकोर्ट ने रोडवेज की पुरानी बसों को हटाने से लेकर बसों में सीसीटीवी लगाने के आदेश दिए हैं। मौजूदा समय में परिवहन निगम के पास करीब 1100 बसों का बेड़ा है। परिवहन निगम के बेड़े में आखिरी बार 443 नई बसों को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शामिल किया गया था। अब हाईकोर्ट के पुरानी बसों को हटाने का आदेश दिया है। इसके बाद रोडवेज प्रबंधन पुरानी बसों को हटाने, नई बसों को बेड़े में शामिल करने की तैयारी में जुट गया है। परिवहन निगम प्रबंधन के अनुसार मौजूदा समय में छह साल तक पुरानी दो सौ बसें है, जो कि छोटे-छोटे रूट पर चल रही है। इन बसों को हटाया जाएगा। इसके साथ ही नई बसों को खरीदने संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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कुमाऊं में 460 बसों का बेड़ा, सीसीटीवी केवल 16 में
हल्द्वानी। रोडवेज के कुमाऊं, टनकपुर रीजन (कुमाऊं मंडल) के माध्यम से 460 बसों का बेड़ा संचालित होता है। इसमें अनुबंधित वॉल्वो, जेएनआरयूएम की 16 बसों में ही सीसीटीवी लगे हैं। इन सीसीटीवी में भी एक महीने तक ही डेटा सुरक्षित रखने की व्यवस्था है। एक महीने के बाद स्वचालित तरीके से डेटा डिलीट हो जाता है। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए रोडवेज को प्रबंधन को कुमाऊं मंडल 444 बसों में सीसीटीवी लगाने होंगे।
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तीन बार तक पुराने टायरों से चलाया जाता काम
हल्द्वानी। रोडवेज की आर्थिक हालत खराब है। ऐसे में रोडवेज को तीन बार तक पुराने टायरों को रीट्रीडिंग (पुराने टायरों पर रबड़ चढ़ाना) कर काम चलाया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। मौजूदा समय में सैकड़ों तकनीकी कर्मचारियों के पद खाली हैं, ऐसे में रोडवेज आउटसोर्स के जरिए कुछ तकनीकी कर्मचारियों को रखकर जैसे-तैसे काम चला रहा है।


बसों में सीसीटीवी लगाने से लेकर पुरानी बसों को हटाने के संबंध में हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। सभी का अनुपालन शासन के माध्यम से किया जाएगा। जो पुरानी बसें हटाई जाएंगी, उनकी जगह नई बसों का बेड़ा शामिल किया जाएगा।
- बीके संत, प्रबंध निदेशक परिवहन निगम

भवाली डिपो में नहीं है एक भी पुरानी बस
भवाली (नैनीताल)। हाईकोर्ट द्वारा रोडवेज डिपो के रखरखाव और पुरानी बसों की आयु सीमा पूर्ण होने पर ऐसी बसों को डिपो से बाहर करने के निर्देश जारी किए गए हैं। भवाली में रोडवेज डिपो में वर्तमान समय में एक भी बस पुरानी नही है।

स्टेशन के अधीक्षक एचआर आर्या ने बताया कि भवाली स्टेशन में कुल 36 साधारण बसें संचालित हैं। दो एसी अनुबंधित बसें (सीसीटीवी कैमरे युक्त) संचालित हैं। पांच बसें लोकल रूट पर संचालित हैं और शेष सभी बसे लंबे रूट देहरादून, हरिद्वार, दिल्ली, चंडीगढ़ रूट पर संचालित हैं। बसों की गुणवत्ता, आयु सीमा के संबंध में जूनियर फोरमैन प्रकाश चंद्र आर्या ने बताया कि एक बस के छह लाख किमी अथवा छह साल तक चलाने के मानक है। उनके डिपो में कोई भी बस अभी इस सीमा तक नहीं पहुंची है। वेतन को लेकर स्टेशन अधीक्षक का कहना है कि स्थायी कर्मियों का वेतन 15-20 दिन के विलंब से पहुंचता है। अस्थायी, संविदा कर्मचारियों का वेतन समय से पहुंच जाता है। वेतन के संबंध में कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें वेतन हर माह 15 से 20 तारीख के मध्य दिया जा रहा है।
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