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तीन फ्लेवर में उपलब् ध कराया जाएगा दूध
Updated Thu, 20 Jul 2017 02:19 AM IST
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हल्द्वानी। राज्य सहकारी दुग्ध संघ अपने ब्रांड आंचल के जल्द ही बाजार में तीन अलग-अलग फ्लेवर के दूध को पेश करेगा। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सहकारी संघ अब उत्तम गुणवत्ता का पशु आहार भी बनाएगा। यह दावा सहकारी दुग्ध संघ के नव निर्वाचित अध्यक्ष राजवीर सिंह का है।
बुधवार को मंगल पड़ाव स्थित डेयरी निदेशालय में हुई प्रेस वार्ता में सिंह ने उन्होंने कहा कि पहाड़ से पलायन रोकने के लिए सिर्फ डेयरी उद्योग ही विकल्प है। पहाड़ व मैदान की भौगोलिक परिस्थितियों के मुताबिक दुग्ध कारोबार को बढ़ाने के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाई जाएंगी। दुधारू पशुओं की नस्ल सुधारने पर भी संघ का जोर रहेगा। अलग-अलग भौगोलिक हालात के हिसाब से पशुओं का चयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब निजी कंपनियों की तर्ज पर पशु आहार निर्माण शाला में भी टाइप दो आहार को अपग्रेड कर आहार तैयार किया जाएगा। जिसमें प्रोटीन आदि की मात्रा अधिक होगी ताकि दूध बढ़ाने को पशु पालक संघ का ही आहार इस्तेमाल करे। इसके अलावा मैदानी व पहाड़ी जानवरों की दुग्ध देने की क्षमता के अनुसार भी आहार बनाया जाएगा। साथ ही दुग्ध संघ अब बाजार की मांग के हिसाब से ही उत्पादन बनाएगा जैसे पशु आहार को मैश फार्म में बनाया जाएगा। धीरे-धीरे पायलट गोली बनाना खत्म हो जाएगा। सिंह ने कहा कि दुग्ध संघ का खटीमा में इलायची फ्लेवर का एक फ्लेवर्ड मिल्क है जिसकी बाजार में बेहद मांग है अब जल्द ही तीन नए फ्लेवर बाजार में उतारे जाएंगे। संघ के उत्पादों का बाजार बढ़ाने के लिए उत्पादों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल दुग्ध संघ के किसी भी उत्पाद पर दाम बढ़ाए या घटाए नहीं जाएंगे।
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बुधवार को मंगल पड़ाव स्थित डेयरी निदेशालय में हुई प्रेस वार्ता में सिंह ने उन्होंने कहा कि पहाड़ से पलायन रोकने के लिए सिर्फ डेयरी उद्योग ही विकल्प है। पहाड़ व मैदान की भौगोलिक परिस्थितियों के मुताबिक दुग्ध कारोबार को बढ़ाने के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाई जाएंगी। दुधारू पशुओं की नस्ल सुधारने पर भी संघ का जोर रहेगा। अलग-अलग भौगोलिक हालात के हिसाब से पशुओं का चयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब निजी कंपनियों की तर्ज पर पशु आहार निर्माण शाला में भी टाइप दो आहार को अपग्रेड कर आहार तैयार किया जाएगा। जिसमें प्रोटीन आदि की मात्रा अधिक होगी ताकि दूध बढ़ाने को पशु पालक संघ का ही आहार इस्तेमाल करे। इसके अलावा मैदानी व पहाड़ी जानवरों की दुग्ध देने की क्षमता के अनुसार भी आहार बनाया जाएगा। साथ ही दुग्ध संघ अब बाजार की मांग के हिसाब से ही उत्पादन बनाएगा जैसे पशु आहार को मैश फार्म में बनाया जाएगा। धीरे-धीरे पायलट गोली बनाना खत्म हो जाएगा। सिंह ने कहा कि दुग्ध संघ का खटीमा में इलायची फ्लेवर का एक फ्लेवर्ड मिल्क है जिसकी बाजार में बेहद मांग है अब जल्द ही तीन नए फ्लेवर बाजार में उतारे जाएंगे। संघ के उत्पादों का बाजार बढ़ाने के लिए उत्पादों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल दुग्ध संघ के किसी भी उत्पाद पर दाम बढ़ाए या घटाए नहीं जाएंगे।
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