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महिला उत्थान के बिना देश की उन्नति असंभव: कुलपति प्रो.नौडियाल
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अपराजिता नैनीताल
- फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत कुमाऊं विश्वविद्यालय में आयोजित विचार गोष्ठी में कहा गया कि बिना महिला उत्थान के देश की उन्नति संभव नहीं है। बतौर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने प्राध्यापकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों को नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने, उनके चेहरे पर आत्मविश्वासी मुस्कान के लिए हर संभव प्रयास कर समाज को जागरूक करने की शपथ दिलाई।
डीएसबी परिसर में राजनीतिशास्त्र विभाग के सहयोग से आयोजित गोष्ठी में कुलपति प्रो. नौड़ियाल ने कहा कि समाज, राष्ट्र की उन्नति की परिकल्पना बिना नारी उत्थान के असंभव है। उन्होंने अपराजिता अभियान को महिला सशक्तीकरण का सफल कदम बताया। वरिष्ठ प्राध्यापिका प्रो. नीता बोरा शर्मा ने संचालन किया। इस मौके पर परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, डीएसडब्ल्यू प्रो. पीएस बिष्ट, विभागाध्यक्ष राजनीतिशास्त्र प्रो. मधुरेंद्र कुमार, प्रो. एचसीएस बिष्ट, प्रो. ललित तिवारी, प्रो. आरएस जलाल, प्रो. राजीव उपाध्याय, अभिषेक मेहरा, महेश महर आदि थे।
महिला उत्थान के बिना देश की उन्नति असंभव : कुलपति
अपराजिता अभियान के तहत डीएसबी परिसर में हुई गोष्ठी
कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने प्राध्यापकों, विद्यार्थियों को दिलाई शपथ
विचार-
महिलाओं को दुर्बल समझा जाता है जो ठीक नहीं है। महिलाएं सक्षम हैं और अपना स्थान स्वयं ही तय कर सकती हैं। इस बात को सिद्ध भी कर चुकी हैं। -प्रो. ज्योति जोशी,
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समाज का विकास बिना महिलाओं के सहयोग के नहीं हो सकता। -प्रो. इंदु पाठक
राजनीतिक पार्टियां चुनावों में महिलाओं को प्रतिभाग का पूरा मौका नहीं दे रही हैं। महिलाएं प्रशासनिक सेवा से लेकर खेलों में अपना लोहा मनवा चुकीं हैं और उन्हें राजनीति में भी पूरा मौका मिलना चाहिए। -प्रो. नीता बोरा शर्मा
महिला उत्थान के लिए बनाई गई नीति कागजों से बाहर नहीं निकल पाती। सरकार को नीति बनाने के साथ ही उसका सही से क्रियान्वयन करवाना चाहिए। -डॉ. केतकी कुमैया,
महिलाएं जो करना चाहती हैं उसे पूरा करने के लिए उन्हें स्वयं ही तैयार होना होगा। -सोनी अनीश
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डीएसबी परिसर में राजनीतिशास्त्र विभाग के सहयोग से आयोजित गोष्ठी में कुलपति प्रो. नौड़ियाल ने कहा कि समाज, राष्ट्र की उन्नति की परिकल्पना बिना नारी उत्थान के असंभव है। उन्होंने अपराजिता अभियान को महिला सशक्तीकरण का सफल कदम बताया। वरिष्ठ प्राध्यापिका प्रो. नीता बोरा शर्मा ने संचालन किया। इस मौके पर परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, डीएसडब्ल्यू प्रो. पीएस बिष्ट, विभागाध्यक्ष राजनीतिशास्त्र प्रो. मधुरेंद्र कुमार, प्रो. एचसीएस बिष्ट, प्रो. ललित तिवारी, प्रो. आरएस जलाल, प्रो. राजीव उपाध्याय, अभिषेक मेहरा, महेश महर आदि थे।
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महिला उत्थान के बिना देश की उन्नति असंभव : कुलपति
अपराजिता अभियान के तहत डीएसबी परिसर में हुई गोष्ठी
कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने प्राध्यापकों, विद्यार्थियों को दिलाई शपथ
विचार-
महिलाओं को दुर्बल समझा जाता है जो ठीक नहीं है। महिलाएं सक्षम हैं और अपना स्थान स्वयं ही तय कर सकती हैं। इस बात को सिद्ध भी कर चुकी हैं। -प्रो. ज्योति जोशी,
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समाज का विकास बिना महिलाओं के सहयोग के नहीं हो सकता। -प्रो. इंदु पाठक
राजनीतिक पार्टियां चुनावों में महिलाओं को प्रतिभाग का पूरा मौका नहीं दे रही हैं। महिलाएं प्रशासनिक सेवा से लेकर खेलों में अपना लोहा मनवा चुकीं हैं और उन्हें राजनीति में भी पूरा मौका मिलना चाहिए। -प्रो. नीता बोरा शर्मा
महिला उत्थान के लिए बनाई गई नीति कागजों से बाहर नहीं निकल पाती। सरकार को नीति बनाने के साथ ही उसका सही से क्रियान्वयन करवाना चाहिए। -डॉ. केतकी कुमैया,
महिलाएं जो करना चाहती हैं उसे पूरा करने के लिए उन्हें स्वयं ही तैयार होना होगा। -सोनी अनीश