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जिंदगी की जंग हार गई मासूम लावण्या
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डेमो
- फोटो : डेमो
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हल्द्वानी। अल्मोड़ा जिले के गनियादोली (रानीखेत) की पांच साल की लावण्या जिंदगी की जंग हार गई। कुत्तों के हमले से घायल यह मासूम नौ दिन तक सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती रही। शुक्रवार की रात उसने दम तोड़ दिया।
पलंबर का काम करने वाले राजेंद्र प्रसाद की पांच साल बेटी लावण्या 20 फरवरी की शाम अपनी मां तुलसी को ढूंढते हुए घर के पिछवाड़े चली गई थी। इस बीच चार-पांच कुत्तों ने उसे घेर लिया और झपट पड़े। नन्ही जान कुत्तों से बच नहीं सकी। कुत्तों ने उसकी गर्दन और हाथ और पैर में नोच दिया। रास्ते से गुजर रहे एक व्यक्तिने कुत्तों को वहां से खदेड़ा।
लहूलुहान मासूम का परिजनों ने पास अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे सुशीला तिवारी अस्पताल ले आए। शुक्रवार की रात लावण्या ने दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार लावण्या इकलौती बेटी थी। उसका बड़ा भाई देव दस साल का है।
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पलंबर का काम करने वाले राजेंद्र प्रसाद की पांच साल बेटी लावण्या 20 फरवरी की शाम अपनी मां तुलसी को ढूंढते हुए घर के पिछवाड़े चली गई थी। इस बीच चार-पांच कुत्तों ने उसे घेर लिया और झपट पड़े। नन्ही जान कुत्तों से बच नहीं सकी। कुत्तों ने उसकी गर्दन और हाथ और पैर में नोच दिया। रास्ते से गुजर रहे एक व्यक्तिने कुत्तों को वहां से खदेड़ा।
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लहूलुहान मासूम का परिजनों ने पास अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे सुशीला तिवारी अस्पताल ले आए। शुक्रवार की रात लावण्या ने दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार लावण्या इकलौती बेटी थी। उसका बड़ा भाई देव दस साल का है।
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