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स्वच्छता मिशन में हल्द्वानी को प्रदेश में तीसरा स्थान
Updated Sun, 24 Jun 2018 02:04 AM IST
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हल्द्वानी। स्वच्छता सर्वे में हल्द्वानी काठगोदाम नगर निगम को तीसरा स्थान हासिल हुआ है। ठोस कचरा निस्तारण की वजह से हल्द्वानी के नंबर कटे लेकिन कूड़ा निस्तारण और अन्य मामलों ने हल्द्वानी की साख को बचा लिया। देश में हल्द्वानी का 251वां नंबर है।
निकायों में स्वच्छता सर्वे जनवरी से लेकर मार्च 2018 के बीच किया गया था। इसमें प्रदेश के छह नगर निगमों को शामिल किया गया था। इन छह नगर निगमों में हल्द्वानी ने तीसरा स्थान हासिल किया है। निगम अधिकारियों के मुताबिक सड़कों और नालों की सफाई, शौचालयों का निर्माण, कू ड़ा जमा करना, कूड़े का निस्तारण आदि के मानकों के आधार पर निगमों की रैंकिंग की गई। इस मामले में लोगों से फीड बैक लिया गया था। इसके बाद केंद्र और राज्य की टीम ने सर्वे किया था।
हल्द्वानी के लिए यह भले ही राहत की बात रही हो लेकिन ठोस कचरा निस्तारण की वजह से हल्द्वानी नगर निगम को पिछड़ना भी पड़ा है। हल्द्वानी में निगम अभी तक सेालिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था नहीं कर पाया है। हल्द्वानी में इस समय कचरा निस्तारित होने की बजाय डंप हो रहा है। ठीक इसी तरह डंपिंग ग्राउंड को लेकर भी तस्वीर साफ नहीं है। वर्तमान ट्रंचिंग ग्राउंड वन विभाग की जमीन पर है। अब दूसरी जगह नगर निगम को जमीन दी जा रही है। इस जमीन के मिल जाने के बाद ही नगर निगम सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था कर पाएगा।
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कचरे को एकत्र करने की व्यवस्था में भले ही निगम ने सुधार किया हो लेकिन कचरे को अलग-अलग करने की व्यवस्था अभी निगम नहीं कर पाया है।
स्वच्छता एप का मिला फायदा
नगर निगम ने स्वच्छता से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए एप भी बनाया हुआ है। इस ऐप में शिकायतें हो भी रही है। यह एप भी नगर निगम की रैंकिंग को बढ़ाने वाला साबित हुआ है।
ये हुए थे शामिल
-रुद्रपुर, रुड़की, हरिद्वार, हल्द्वानी, देहरादून, काशीपुर
किसे कितने अंक
हल्द्वानी को मिले 1873.56 अंक। पहले नंबर पर रहे रुड़की को 2267.73 अंक मिले। दूसरे नंबर पर हरिद्वार से हल्द्वानी 145. 85 प्वाइंट पीछे रहा। रुद्रपुर के 1768.33 और काशीपुर के 1650.99 अंक रहे। दून को 1846.51 अंक मिले।
ठोस कचरा प्रबंधन न होने के कारण कटे नंबर
कचरे के निस्तारण की अभी नहीं हो पाई है व्यवस्था
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निकायों में स्वच्छता सर्वे जनवरी से लेकर मार्च 2018 के बीच किया गया था। इसमें प्रदेश के छह नगर निगमों को शामिल किया गया था। इन छह नगर निगमों में हल्द्वानी ने तीसरा स्थान हासिल किया है। निगम अधिकारियों के मुताबिक सड़कों और नालों की सफाई, शौचालयों का निर्माण, कू ड़ा जमा करना, कूड़े का निस्तारण आदि के मानकों के आधार पर निगमों की रैंकिंग की गई। इस मामले में लोगों से फीड बैक लिया गया था। इसके बाद केंद्र और राज्य की टीम ने सर्वे किया था।
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हल्द्वानी के लिए यह भले ही राहत की बात रही हो लेकिन ठोस कचरा निस्तारण की वजह से हल्द्वानी नगर निगम को पिछड़ना भी पड़ा है। हल्द्वानी में निगम अभी तक सेालिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था नहीं कर पाया है। हल्द्वानी में इस समय कचरा निस्तारित होने की बजाय डंप हो रहा है। ठीक इसी तरह डंपिंग ग्राउंड को लेकर भी तस्वीर साफ नहीं है। वर्तमान ट्रंचिंग ग्राउंड वन विभाग की जमीन पर है। अब दूसरी जगह नगर निगम को जमीन दी जा रही है। इस जमीन के मिल जाने के बाद ही नगर निगम सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था कर पाएगा।
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कचरे को एकत्र करने की व्यवस्था में भले ही निगम ने सुधार किया हो लेकिन कचरे को अलग-अलग करने की व्यवस्था अभी निगम नहीं कर पाया है।
स्वच्छता एप का मिला फायदा
नगर निगम ने स्वच्छता से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए एप भी बनाया हुआ है। इस ऐप में शिकायतें हो भी रही है। यह एप भी नगर निगम की रैंकिंग को बढ़ाने वाला साबित हुआ है।
ये हुए थे शामिल
-रुद्रपुर, रुड़की, हरिद्वार, हल्द्वानी, देहरादून, काशीपुर
किसे कितने अंक
हल्द्वानी को मिले 1873.56 अंक। पहले नंबर पर रहे रुड़की को 2267.73 अंक मिले। दूसरे नंबर पर हरिद्वार से हल्द्वानी 145. 85 प्वाइंट पीछे रहा। रुद्रपुर के 1768.33 और काशीपुर के 1650.99 अंक रहे। दून को 1846.51 अंक मिले।
ठोस कचरा प्रबंधन न होने के कारण कटे नंबर
कचरे के निस्तारण की अभी नहीं हो पाई है व्यवस्था