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कुमाऊं कमिश्नर के खिलाफ जांच और चार्जशीट पर कैट की रोक
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नैनीताल। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सचिव और कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला के खिलाफ खनन पट्टों को लेकर जांच और चार्जशीट पर केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने रोक लगा दी है। खनन पट्टों का यह मामला 2016 का है। तब राजीव रौतेला रामपुर में जिलाधिकारी थे।
इस मामले की कैट की बेंच नैनीताल क्लब में अदालत लगाकर सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को आपत्ति दाखिल करने का आदेश दिया है। 2016 में राजीव रौतेला रामपुर (उत्तर प्रदेश) के डीएम थे। खनन पट्टों के नवीनीकरण का आरोप में इलाहाबाद हाईकोर्ट उनके खिलाफ कार्रवाई का भी आदेश दिया था। इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद रोक लगाई थी और जांच के आदेश दिये थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच कर चार्जशीट सौंप दी थी। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से की गई जांच व चार्जशीट को राजीव रौतेला ने चुनौती दी है।
2016 का है मामला, राजीव रौतेला पर खनन पट्टों को लेकर लगा था आरोप
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इस मामले की कैट की बेंच नैनीताल क्लब में अदालत लगाकर सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को आपत्ति दाखिल करने का आदेश दिया है। 2016 में राजीव रौतेला रामपुर (उत्तर प्रदेश) के डीएम थे। खनन पट्टों के नवीनीकरण का आरोप में इलाहाबाद हाईकोर्ट उनके खिलाफ कार्रवाई का भी आदेश दिया था। इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद रोक लगाई थी और जांच के आदेश दिये थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच कर चार्जशीट सौंप दी थी। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से की गई जांच व चार्जशीट को राजीव रौतेला ने चुनौती दी है।
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2016 का है मामला, राजीव रौतेला पर खनन पट्टों को लेकर लगा था आरोप