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टैंकरों पर साढ़े पांच लाख खर्चने पर भी नहीं मिल रहा पेयजल
Updated Mon, 16 Apr 2018 01:32 AM IST
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हल्द्वानी। शहर की पेयजल सप्लाई गौला नदी और नलकूपों पर निर्भर है। दोनों स्रोतों से शहर को करीब 58.5 एमएलडी पानी मिलता है। इसके बावजूद शहर के तमाम इलाकों में साल भर पेयजल किल्लत रहती है। जलसंस्थान के पास छह विभागीय टैंकर हैं। इन पर प्रतिमाह 1.50 लाख और किराए के टैंकरों पर 4.50 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं।
जलसंस्थान ने पेयजल किल्लत से निपटने के लिए छह विभागीय के अलावा 15 निजी नलकूप किराए पर ले रखे हैं। टैंकरों से भी प्रतिदिन करीब 90 लाख लीटर पानी बांटा जाता है। टैंकरों पर प्रतिमाह 4.50 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद शहर में पेयजल किल्लत बनी हुई है।
क्षेत्र के दमुवाढूंगा, बिठौरिया, रामड़ी आन सिंह, हल्दीखाल, घूनी, कठघरिया, तल्ली हल्द्वानी, तीनपानी, आरटीओ रोड, गैस गोदाम रोड, छड़ायल आदि इलाकों मेें लोग पेयजल के लिए परेशान हैं।
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जलसंस्थान ने पेयजल किल्लत से निपटने के लिए छह विभागीय के अलावा 15 निजी नलकूप किराए पर ले रखे हैं। टैंकरों से भी प्रतिदिन करीब 90 लाख लीटर पानी बांटा जाता है। टैंकरों पर प्रतिमाह 4.50 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद शहर में पेयजल किल्लत बनी हुई है।
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क्षेत्र के दमुवाढूंगा, बिठौरिया, रामड़ी आन सिंह, हल्दीखाल, घूनी, कठघरिया, तल्ली हल्द्वानी, तीनपानी, आरटीओ रोड, गैस गोदाम रोड, छड़ायल आदि इलाकों मेें लोग पेयजल के लिए परेशान हैं।
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