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रामनगर में वक्फ संपति की बेदखली पर उच्च न्यायालय ने लगाई रोक
Updated Sat, 30 Dec 2017 02:14 AM IST
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नैनीताल। उच्च न्यायालय ने रामनगर सुभाष चौक स्थित वक्फ संपत्ति की बेदखली पर रोक लगाते हुए राज्य सूचना आयुक्त को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ जनवरी की तिथि नियत की है।
न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रामनगर निवासी सुभाष अरोड़ा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड सूचना आयोग ने 23 नवंबर 2017 को आदेश पारित कर जिलाधिकारी नैनीताल को आदेश दिया कि वह रामनगर में स्थित वक्फ संपत्तियों को खाली कराकर वक्फ के मुतवल्ली को सौंप दें। याची की ओर से इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। याची का कहना था कि सूचना आयोग को केवल सूचना प्रदान कराने का अधिकार है। जिलाधिकारी को कोई भी निर्देश जारी करने का अधिकार सूचना आयुक्त को सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत नहीं है। याचिका में कहा कि स्थानीय प्रशासन राज्य सूचना आयुक्त के निर्देश के बाद संपत्ति खाली कराने का प्रयास कर रहा है। पूर्व में ही यह संपत्ति वक्फ के दायरे से बाहर हो चुकी है। न्यायमूर्ति ने सूचना आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
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न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रामनगर निवासी सुभाष अरोड़ा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड सूचना आयोग ने 23 नवंबर 2017 को आदेश पारित कर जिलाधिकारी नैनीताल को आदेश दिया कि वह रामनगर में स्थित वक्फ संपत्तियों को खाली कराकर वक्फ के मुतवल्ली को सौंप दें। याची की ओर से इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। याची का कहना था कि सूचना आयोग को केवल सूचना प्रदान कराने का अधिकार है। जिलाधिकारी को कोई भी निर्देश जारी करने का अधिकार सूचना आयुक्त को सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत नहीं है। याचिका में कहा कि स्थानीय प्रशासन राज्य सूचना आयुक्त के निर्देश के बाद संपत्ति खाली कराने का प्रयास कर रहा है। पूर्व में ही यह संपत्ति वक्फ के दायरे से बाहर हो चुकी है। न्यायमूर्ति ने सूचना आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
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