{"_id":"59d3f05e4f1c1bd9798b4c19","slug":"71507061854-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच दिन में कैसे बंट जाता है माहभर का चावल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच दिन में कैसे बंट जाता है माहभर का चावल
Updated Wed, 04 Oct 2017 01:54 AM IST
विज्ञापन
हल्द्वानी। पूर्ति विभाग के आंकड़े देखें तो चावल का खेल खुद सामने आ जाएगा। विभाग की ओर सस्ते गल्ले की दुकानों को महीने के अंतिम दिनों में राशन का कोटा जारी होता है। सवाल उठता है कि पांच से आठ दिन में पूरे माह का राशन का कोटा कैसे बंट जाता है।
इस खेल में राइस मिलर, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, पूर्ति विभाग के साथ सस्ते गल्ले के विक्रेता तक शामिल होते हैं। पूर्ति विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो नैनीताल जिले में गेहूं से लेकर चावल तक का कोटा विभाग की ओर से महीने के अंतिम समय में जारी किया गया है। कभी-कभी तो पांच दिन पहले ही राशन का कोटा जारी हुआ है। सस्ता गल्ला विक्रेता महीने की अंतिम तिथि तक उस महीने का कोटा बांटते हैं। उसके बाद कार्डधारकों को राशन का कोटा नहीं दिया जाता है। कुछ चुनिंदा कार्डधारक जिन्हें इस खेल की जानकारी होती है। उन्हें माह खत्म होने के बाद भी या फोन करके राशन दे दिया जाता है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि इतने कम समय में राशन का कोटा कैसे बंट जाता है।
कार्ड और रजिस्टर की जांच हो तो खेल सामने आएगा
अगर डीएम की ओर से कोई टीम बनाकर कुछ कार्ड और सस्ता गल्ला विक्रेताओं के रजिस्टरों की जांच की जाए तो इस खेल से पर्दा उठ सकता है।
विज्ञापन
इस खेल में राइस मिलर, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, पूर्ति विभाग के साथ सस्ते गल्ले के विक्रेता तक शामिल होते हैं। पूर्ति विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो नैनीताल जिले में गेहूं से लेकर चावल तक का कोटा विभाग की ओर से महीने के अंतिम समय में जारी किया गया है। कभी-कभी तो पांच दिन पहले ही राशन का कोटा जारी हुआ है। सस्ता गल्ला विक्रेता महीने की अंतिम तिथि तक उस महीने का कोटा बांटते हैं। उसके बाद कार्डधारकों को राशन का कोटा नहीं दिया जाता है। कुछ चुनिंदा कार्डधारक जिन्हें इस खेल की जानकारी होती है। उन्हें माह खत्म होने के बाद भी या फोन करके राशन दे दिया जाता है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि इतने कम समय में राशन का कोटा कैसे बंट जाता है।
विज्ञापन
कार्ड और रजिस्टर की जांच हो तो खेल सामने आएगा
अगर डीएम की ओर से कोई टीम बनाकर कुछ कार्ड और सस्ता गल्ला विक्रेताओं के रजिस्टरों की जांच की जाए तो इस खेल से पर्दा उठ सकता है।